सुप्रीम कोर्ट में NEET पेपर लीक मामला: NTA का नया बयान
NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
हाल ही में, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) द्वारा दायर याचिका पर हुई। इस दौरान, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने एक हलफनामा पेश किया, जिसमें NEET में पेपर लीक रोकने के उपायों और आगामी NEET पुनः परीक्षा के बारे में जानकारी दी गई। NTA ने स्पष्ट किया कि NEET UG 2027 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय पुनः परीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
NEET UG 2027 के लिए CBT मोड की घोषणा
NEET UG 2026 परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित की गई थी, पारंपरिक पेन-एंड-पेपर टेस्ट (PPT) मोड में थी, लेकिन पेपर लीक के कारण इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद NEET पुनः परीक्षा की तिथि की घोषणा की गई। उस समय, सरकार और NTA ने स्पष्ट रूप से कहा था कि NEET UG 2027 को CBT मोड में आयोजित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में NTA का हलफनामा
NEET UG पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान, NTA ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि उच्च-स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी (HPSC) NEET पुनः परीक्षा के बाद एक बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक में, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ परामर्श करके यह तय किया जाएगा कि भविष्य की NEET परीक्षाएं CBT मोड में आयोजित की जाएंगी या PPT मोड में।
हलफनामे में अन्य जानकारी
NTA के हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया कि HPSC की एक बैठक 17 अप्रैल, 2026 को NEET UG 2026 परीक्षा से पहले आयोजित की गई थी। इस बैठक में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ परीक्षा से पहले और बाद में लागू किए जाने वाले सुरक्षा उपायों की सिफारिश की गई थी। विशेष रूप से, समिति ने सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV सिस्टम की अनिवार्य जांच और फुटेज को कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा, परीक्षा के बाद CCTV फुटेज का फोरेंसिक विश्लेषण करने की सिफारिश भी की गई।
