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दिल्ली में स्कूलों के लिए GRAP-4 के संभावित प्रभाव

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति के चलते GRAP-3 लागू है, जबकि GRAP-4 के संभावित प्रभावों पर चर्चा हो रही है। क्या स्कूल बंद होंगे? जानें GRAP-4 के तहत लागू होने वाले प्रतिबंधों के बारे में, जिसमें वाहन प्रतिबंध, निर्माण कार्य पर रोक और घर से काम करने के निर्देश शामिल हैं। इस लेख में जानें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने क्या कहा है और वर्तमान स्थिति क्या है।
 
दिल्ली में स्कूलों के लिए GRAP-4 के संभावित प्रभाव

दिल्ली के स्कूलों में वायु प्रदूषण की स्थिति


दिल्ली स्कूल: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर बनी हुई है। राजधानी में GRAP-3 लागू है, जिसके तहत स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का आदेश दिया गया है। नियमों के अनुसार, यदि वायु गुणवत्ता सूचकांक 451 से अधिक हो जाता है, तो GRAP-4 के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या GRAP-4 लागू होने पर दिल्ली-एनसीआर में स्कूल बंद होंगे?


पिछले साल, जब GRAP-4 लागू हुआ था, तब दिल्ली-एनसीआर के सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे। केवल 10वीं और 12वीं कक्षा के स्कूल बोर्ड परीक्षा के लिए खुले रहे।


क्या दिल्ली में GRAP-4 के प्रतिबंध लागू हो गए हैं?


दिल्ली में GRAP-4 के लागू होने की खबरें वायरल हो रही थीं। हालांकि, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इसे अफवाह बताया। आयोग ने एक नोटिस जारी करते हुए कहा कि कुछ चैनल और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म GRAP-4 के कार्यान्वयन के संबंध में भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। वर्तमान में, पूरे एनसीआर में मौजूदा GRAP का चरण III लागू है। सभी संबंधित पक्षों और जनता को आयोग द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट/प्रेस विज्ञप्तियों पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है।


GRAP-4 में क्या प्रावधान और प्रतिबंध हैं?


वाहन प्रतिबंध - आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रकों या स्वच्छ ईंधनों जैसे CNG, LNG, BS-IV डीजल या इलेक्ट्रिक पर चलने वाले ट्रकों को छोड़कर, सभी अन्य ट्रकों का दिल्ली में प्रवेश निषिद्ध होगा।


निर्माण पर प्रतिबंध - सभी सार्वजनिक और सरकारी परियोजना स्थलों पर निर्माण कार्य रोक दिया जाएगा, जबकि GRAP-3 केवल गैर-आवश्यक निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाता है।


व्यावसायिक वाहन प्रतिबंध - दिल्ली के बाहर से आने वाले गैर-आवश्यक व्यावसायिक वाहनों पर प्रतिबंध होगा, सिवाय CNG और BS-IV डीजल वाहनों के।


घर से काम - एक बार लागू होने पर, यह सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश देता है ताकि यातायात की भीड़ को कम किया जा सके।