NEET PG 2026 में महत्वपूर्ण बदलाव: जानें नए नियम और सुविधाएं
NEET PG 2026 के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें परीक्षा केंद्र का चयन, परीक्षा शहर की पूर्व सूचना और सुरक्षा उपाय शामिल हैं। उम्मीदवार अब अपनी पसंद के तीन परीक्षा शहर चुन सकते हैं और परीक्षा से तीन सप्ताह पहले जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके अलावा, परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया गया है, जिससे केवल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे। जानें इन बदलावों के बारे में विस्तार से और तैयारी को बेहतर बनाएं।
Aug 2, 2026, 18:15 IST
NEET PG परीक्षा में नए बदलाव
नीट पीजी परीक्षा से पहले कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। यदि आप पोस्टग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET PG) की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने परीक्षा से पहले कुछ बड़े बदलावों की घोषणा की है, जो लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत का कारण बन सकते हैं।
अब उम्मीदवार अपनी पसंद के तीन परीक्षा शहरों का चयन कर सकते हैं और उन्हें परीक्षा से लगभग 3 सप्ताह पहले परीक्षा केंद्र की जानकारी प्राप्त होगी। आइए जानते हैं अन्य महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।
NEET PG 2026 के 5 प्रमुख बदलाव
परीक्षा केंद्र का चयन
अब उम्मीदवार परीक्षा केंद्र के लिए अपने पसंदीदा तीन राज्यों का चयन कर सकेंगे। इसमें पहले प्राथमिकता पत्राचार वाले राज्य को दी जानी चाहिए, जिससे उन्हें दूर-दराज के राज्यों में यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
परीक्षा शहर की पूर्व सूचना
छात्रों को अब परीक्षा से लगभग 3 सप्ताह पहले उनके परीक्षा शहर की जानकारी मिलेगी। पहले यह जानकारी परीक्षा से कुछ दिन पहले ही मिलती थी, जिससे यात्रा और ठहरने की व्यवस्था में कठिनाई होती थी।
परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन
नए बदलावों के अनुसार, NEET PG 2026 में केवल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाएंगे, जबकि पहले 200 प्रश्न होते थे। परीक्षा की कुल अवधि 210 मिनट रहेगी, जिससे उम्मीदवारों को हर प्रश्न को हल करने के लिए अधिक समय मिलेगा।
सिंगल शिफ्ट में परीक्षा
इस बार NEET PG परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि इससे सभी उम्मीदवारों को समान कठिनाई स्तर का प्रश्नपत्र मिलेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया भी निष्पक्ष होगी।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
परीक्षा में आधार सत्यापन, बायोमेट्रिक और आवश्यकता पड़ने पर आइरिस स्कैन का उपयोग किया जा सकता है। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एन्क्रिप्शन और सुरक्षित डिजिटल सिस्टम से संरक्षित किया गया है। इसके अलावा, परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 60,000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
इस वर्ष परीक्षा में 2.73 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.5 प्रतिशत अधिक है। इस बार परीक्षा केंद्रों की पहले से जांच, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर, लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी शामिल होगी।
