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NCERT की पाठ्यपुस्तक में विवाद: ब्राह्मण समुदाय की आपत्ति

NCERT की कक्षा 8 की इतिहास पाठ्यपुस्तक में एक चित्रण को लेकर ब्राह्मण समुदाय ने आपत्ति जताई है। यह चित्रण ब्रिटानिया को शास्त्र प्रस्तुत करते हुए दिखाता है, जिसे समुदाय ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया बताया है। NCERT ने स्पष्टीकरण दिया है कि यह अंश अब पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है और नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं। हालाँकि, सोशल मीडिया पर एक पुस्तक की छवि में 2025-2026 शैक्षणिक सत्र का संदर्भ है, जिससे नई चर्चा शुरू हो गई है।
 
NCERT की पाठ्यपुस्तक में विवाद: ब्राह्मण समुदाय की आपत्ति

विवाद का केंद्र



NCERT ने स्पष्ट किया है कि विवाद का मुख्य अंश उसकी पुरानी इतिहास पाठ्यपुस्तक 'हमारे अतीत-III' से लिया गया है, जिसे राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) 2005 के अनुसार विकसित किया गया था।


ब्राह्मण समुदाय की आपत्ति

कक्षा 8 की इतिहास पाठ्यपुस्तक 'हमारे अतीत-III' में एक विशेष चित्रण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों ने इस चित्रण और उसके साथ दिए गए कैप्शन पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह चित्रण ब्राह्मण समुदाय का गलत प्रतिनिधित्व करता है।


चित्रण का संदर्भ

इस अध्याय में एक चित्रण है जिसमें एक ब्राह्मण व्यक्ति 'ब्रिटानिया' को शास्त्र प्रस्तुत कर रहा है, जो ब्रिटेन का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व है। यह चित्रण 1782 में जेम्स रेनल द्वारा बनाए गए हिंदुस्तान के पहले मानचित्र के कवर डिज़ाइन का हिस्सा है। उस समय, रॉबर्ट क्लाइव ने जेम्स रेनल को भारत का सर्वेक्षण और मानचित्रण करने के लिए नियुक्त किया था।


चित्रण का संदेश

पाठ्यपुस्तक में दिए गए कैप्शन के अनुसार, यह चित्रण यह दर्शाता है कि भारत के लोग स्वेच्छा से अपने पवित्र शास्त्र ब्रिटानिया को सौंप रहे हैं। यह इंगित करता है कि ब्रिटिश शासन भारत की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए आया था। हालांकि, इतिहासकारों का कहना है कि ऐसे चित्रण उस समय के उपनिवेशीय दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।


NCERT का स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ने के बाद, NCERT ने इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। NCERT ने कहा है कि विवाद का अंश अब वर्तमान पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है और यह पुरानी पाठ्यपुस्तक से लिया गया है।


नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव

NCERT ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार नए सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकें विकसित की गई हैं। इन नई पुस्तकों में संबंधित सामग्री को फिर से लिखा गया है और विवादास्पद खंड को वर्तमान पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।


2025-26 शैक्षणिक सत्र का संदर्भ

हालांकि, कुछ व्यक्तियों ने यह सवाल उठाया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पुस्तक की छवि में 2025-2026 शैक्षणिक सत्र का संदर्भ है। इसने एक नई चर्चा को जन्म दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, NCERT जल्द ही इस मामले पर एक और आधिकारिक बयान जारी कर सकता है।