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PRT, TGT और PGT शिक्षकों के बीच अंतर: जानें आवश्यक योग्यताएँ

इस लेख में हम PRT, TGT और PGT शिक्षकों के बीच के अंतर को समझेंगे। जानें कि किस प्रकार की योग्यताएँ इन शिक्षकों के लिए आवश्यक हैं और कैसे ये विभिन्न कक्षाओं में छात्रों को पढ़ाते हैं। शिक्षण पेशे की गरिमा और जिम्मेदारी को समझते हुए, यह जानकारी शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
 
PRT, TGT और PGT शिक्षकों के बीच अंतर: जानें आवश्यक योग्यताएँ

PRT, TGT और PGT शिक्षकों का परिचय



शिक्षण एक सम्मानजनक और जिम्मेदार पेशा है। यह न केवल भारत में, बल्कि अन्य देशों में भी एक विशेष पहचान रखता है। कहा जाता है कि शिक्षक किसी राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं। शिक्षकों के कई प्रकार होते हैं, जैसे प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (PRT), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT), और स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT)। क्या आप जानते हैं कि PRT, TGT और PGT शिक्षकों में क्या अंतर है? यदि नहीं, तो आइए इस समाचार के माध्यम से जानें।


PRT, TGT और PGT की परिभाषाएँ

PRT - प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (Primary School Teachers)


TGT - प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (Trained Graduate Teachers)


PGT - स्नातकोत्तर शिक्षक (Post Graduate Teachers)


PRT, TGT और PGT के बीच अंतर

प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (PRT) - ये शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) को पढ़ाते हैं। इनकी योग्यता में स्नातक डिप्लोमा, D.El.Ed. और TET पेपर 1 शामिल है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मेरिट सूची तैयार की जाती है।


प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) - ये शिक्षक कक्षा 6 से 10 के छात्रों को पढ़ाते हैं। TGT बनने के लिए B.Ed. पास करना और TET में योग्य होना आवश्यक है। ये गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भाषाएँ और अन्य विशेष विषय पढ़ाते हैं।


स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) - ये शिक्षक कक्षा 11 से 12 के छात्रों को पढ़ाते हैं। PGT बनने के लिए उम्मीदवार के पास स्नातकोत्तर डिग्री और B.Ed. होनी चाहिए। TGT और PGT में अंतर यह है कि TGT स्नातक के बाद B.Ed. करता है, जबकि PGT के लिए स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक है। इस प्रकार, समान B.Ed. डिग्री के साथ स्नातक उम्मीदवारों को TGT और स्नातकोत्तर उम्मीदवारों को PGT कहा जाता है।