Logo Naukrinama

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित के आसान तरीके

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गणित की तैयारी को आसान बनाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपायों का पालन करें। आशीष तिवारी, एक प्रसिद्ध कोचिंग विशेषज्ञ, काम करते हुए पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए प्रभावी अध्ययन शेड्यूल और गणित के सवालों को हल करने के सरल तरीके साझा करते हैं। जानें कैसे ट्री विधि का उपयोग करके चक्रवृद्धि ब्याज के सवालों को आसानी से हल किया जा सकता है और सही अध्ययन पैटर्न अपनाने से कैसे बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
 
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित के आसान तरीके

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित के उपाय


प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित के उपाय: बैंक, SSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए स्मार्ट योजना बनाना आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि किताबों में दिन-रात डूबे रहने के बजाय, एक समर्पित शेड्यूल के साथ परीक्षा को पास करना आसान होता है। इस पर सभी विशेषज्ञ सहमत हैं।


काम करते हुए पढ़ाई करना
पलामू के प्रसिद्ध बैंकिंग और SSC कोचिंग विशेषज्ञ, आशीष तिवारी का कहना है कि यदि कोई छात्र काम करते हुए तैयारी कर रहा है, तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। केवल छह घंटे की केंद्रित पढ़ाई पर्याप्त है। वह बताते हैं कि अधिकांश छात्रों को गणित में चक्रवृद्धि ब्याज (C.I.) के सवालों से परेशानी होती है, जबकि इन्हें सरल तरीकों से हल किया जा सकता है।


ट्री विधि से हल करें
पलामू के गणित विशेषज्ञ, आशीष सर ने चक्रवृद्धि ब्याज के सवालों को हल करने के लिए ट्री (त्रिकोण) विधि को सबसे आसान बताया है। यह विधि दो से तीन वर्षों के लिए C.I. की गणना करना बहुत सरल बनाती है।


आशीष सर बताते हैं कि यदि आपके पास प्रतियोगी परीक्षाओं के तीन मुख्य स्तंभ – गणित, तर्कशक्ति और अंग्रेजी – पर मजबूत पकड़ है, तो कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होगी। ट्री विधि छात्रों को लंबे गणनाओं में उलझे बिना सीधे उत्तर तक पहुँचने की अनुमति देती है, जिससे समय की बचत होती है और अंक सुरक्षित होते हैं।


सही अध्ययन पैटर्न अपनाना महत्वपूर्ण है।
दिन के पहले दो घंटे गणित के लिए समर्पित करें, क्योंकि ताजा मन से गणित समझना आसान होता है। गणित की नींव को मजबूत करने के लिए NCERT की किताबें मददगार होती हैं। दूसरे सत्र में तर्कशक्ति का अभ्यास करें, और इसके लिए किसी प्रतिष्ठित प्रकाशक की एक ही किताब पढ़ें, जैसे कि अरिहंत। एक ही किताब को 25 बार पढ़ना उस समझ को प्राप्त करने के लिए सलाह दी जाती है, जो 10 किताबें पढ़ने से नहीं मिलती।


बहुत सारी किताबें भ्रमित करती हैं।
तीसरे सत्र को अंग्रेजी के लिए समर्पित करें। प्रत्येक विषय के लिए केवल एक किताब का उपयोग करें। बहुत सारी किताबें स्पष्ट समझ के बजाय भ्रम बढ़ाती हैं। इस समय सारणी का लगातार पालन करने से निश्चित रूप से परिणाम मिलेंगे। छह घंटे की अध्ययन अवधि के दौरान कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। यदि घर पर शोर या व्यवधान है, तो पुस्तकालय जाकर पढ़ाई करना बेहतर है।


Disclaimer: यह सामग्री News 18 हिंदी से प्राप्त और संपादित की गई है। जबकि हमने स्पष्टता और प्रस्तुति के लिए संशोधन किए हैं, मूल सामग्री उसके संबंधित लेखकों और वेबसाइट की है। हम सामग्री के स्वामित्व का दावा नहीं करते हैं।