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आदित्य चोपड़ा की प्रेरणादायक यात्रा: प्लास्टिक मुक्त बेबी प्रोडक्ट्स की ओर

आदित्य चोपड़ा की प्रेरणादायक यात्रा ने उन्हें UPSC परीक्षा में असफलता के बाद बेबी प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में एक सफल उद्यमी बना दिया। उन्होंने नूबो नामक कंपनी की स्थापना की, जो प्लास्टिक मुक्त उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करती है। उनकी कहानी में छोटे शहरों से बढ़ती बिक्री और बिना विज्ञापन के ऑर्डर प्राप्त करने की सफलता शामिल है। जानें कैसे आदित्य ने अपने अनुभवों से एक नई दिशा पाई और भविष्य में 200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
 

नई दिल्ली में शुरू हुई कहानी

नई दिल्ली: दिल्ली में जन्मे आदित्य चोपड़ा की यात्रा में सफलता के साथ असफलताओं का भी समावेश है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक UPSC परीक्षा की तैयारी की। हालांकि, तीनों बार वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं बना सके। इसके बाद, आदित्य ने परीक्षा की तैयारी छोड़कर कॉर्पोरेट क्षेत्र में कदम रखा, जहां उन्होंने एक इक्विटी रिसर्च फर्म में काम किया और बाद में एक सामाजिक प्रभाव वाली कंसल्टिंग कंपनी से जुड़े।


एक बातचीत से मिली नई दिशा

एक बातचीत से मिला कारोबार का आइडिया

आदित्य की मुलाकात ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फे कूसिरो से हुई, जो माइक्रोप्लास्टिक रिसर्च में विशेषज्ञ हैं। इस बातचीत के दौरान, उन्हें बच्चों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक के प्रभावों के बारे में जानकारी मिली, जिससे उन्हें बेबी प्रोडक्ट्स में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर काम करने का विचार आया। उनके अनुसार, भारत में बिकने वाले लगभग 90 प्रतिशत टीथर्स प्लास्टिक से बने होते हैं। इसके बाद, उन्होंने अपने कालीन कारोबार को बंद करने का निर्णय लिया।


नई कंपनी की शुरुआत

दो उत्पादों से शुरू हुई नई कंपनी

जुलाई 2025 में, आदित्य ने हरियाणा के फरीदाबाद से नूबो की स्थापना की। इस ब्रांड ने केवल दो टीथिंग प्रोडक्ट्स के साथ शुरुआत की, और अब इसके उत्पादों की संख्या 15 एसकेयू तक पहुंच चुकी है। कंपनी 100 प्रतिशत फूड-ग्रेड सिलिकॉन और कॉटन-कागज से बने बेबी प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आदित्य ने सस्ते प्लास्टिक के विकल्पों के बजाय उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।


बिक्री में वृद्धि

छोटे शहरों से आ रही बड़ी बिक्री

नूबो के सिलिकॉन टीथर्स BIS IS 9873 मानकों के तहत BPA, PVC और भारी धातुओं से मुक्त प्रमाणित हैं। कंपनी के अनुसार, इसकी 60-65 प्रतिशत बिक्री 700 से अधिक टियर-2 और टियर-3 शहरों से होती है, जैसे भोपाल, इंदौर, कोहिमा, आगरा और जयपुर। कंपनी Amazon, Flipkart, Blinkit और अपनी वेबसाइट के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच रही है।


बिना विज्ञापन के सफलता

बिना विज्ञापन भी मिल रहे ऑर्डर

नूबो अब तक 20,000 से अधिक ऑर्डर पूरे कर चुका है। कंपनी के अनुसार, लगभग 30-40 प्रतिशत बिक्री बिना किसी विज्ञापन के माउथ-पब्लिसिटी और पेरेंट्स ग्रुप्स के माध्यम से हो रही है। कंपनी हर महीने लगभग 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और जल्द ही EBITDA-पॉजिटिव स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य है। वर्तमान में, आदित्य अपनी आठ सदस्यों की टीम के साथ कंपनी का संचालन कर रहे हैं।


भविष्य की योजनाएं

अब 200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य

आदित्य अगले 6-7 महीनों में 15 नए उत्पाद लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं, ताकि 0 से 5 साल तक के बच्चों की जरूरतों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें। कंपनी का लक्ष्य दुबई के माध्यम से मिडिल ईस्ट और फिर ब्रिटेन व अमेरिका के बाजारों में प्रवेश करना है। उनका अगला लक्ष्य हर महीने 1 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करना है, जिसके बाद चार वर्षों में कंपनी को 200 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का इरादा है।