रूस में भारतीय छात्रों की बढ़ती रुचि: इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रमों का आकर्षण
रूस: भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा का नया गंतव्य
नई दिल्ली: हाल के वर्षों में, रूस ने भारतीय छात्रों के लिए अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। पहले, अधिकांश छात्र केवल MBBS के लिए रूस जाते थे, लेकिन अब इंजीनियरिंग, आईटी, एयरोस्पेस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी उनकी रुचि बढ़ रही है। कम ट्यूशन फीस, अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय और स्नातक के बाद बेहतर करियर विकल्पों ने रूस को एक आकर्षक विकल्प बना दिया है। वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण वहां की विशाल उद्योग और कुशल श्रमिकों की कमी है।
2030 तक लाखों पेशेवरों की आवश्यकता का अनुमान भारतीय छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। यही कारण है कि मेडिकल के साथ-साथ इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रम भी भारतीय छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।
रूस में तकनीकी शिक्षा की बढ़ती मांग
रूस मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एयरोस्पेस और रक्षा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए जाना जाता है। भारतीय छात्रों के बीच इन पाठ्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कम फीस, अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशालाएं और उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण इसके प्रमुख कारण हैं। रूसी विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं और नौकरी उन्मुख पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, जिससे स्नातक के बाद रोजगार पाना आसान हो जाता है।
भारत-रूस रोजगार संबंध
वर्तमान में, रूस में टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, टेलीकॉम, परिवहन और डिजाइन क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों की भारी कमी है। इस कारण भारतीय इंजीनियर्स और तकनीकी पेशेवरों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। कई रूसी कंपनियां भारत से युवा श्रमिकों को नियुक्त करने में रुचि दिखा रही हैं, जिससे भारतीय छात्रों के लिए करियर के स्थायी अवसर खुल रहे हैं।
रूस में भारतीय छात्रों की संख्या
वर्तमान में, रूस में लगभग 14,000 भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं, जिनमें लगभग 500 व्यवसायी शामिल हैं। मेडिकल और तकनीकी संस्थानों में लगभग 4,500 भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इनमें से 90 प्रतिशत छात्र MBBS कर रहे हैं, जबकि बाकी इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान, एयरोनॉटिक्स, प्रबंधन और कृषि जैसे पाठ्यक्रमों का चयन कर रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता और रोजगार के अवसरों ने भारतीय छात्रों को रूस की ओर आकर्षित किया है।
प्रमुख इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और छात्रवृत्तियाँ
रूस की साउथ यूराल स्टेट यूनिवर्सिटी, यूराल फेडरल यूनिवर्सिटी, ITMO, टॉम्स्क स्टेट यूनिवर्सिटी, स्कोल्कोवो इंस्टीट्यूट और लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग के लिए प्रमुख संस्थान माने जाते हैं। रूस में इंजीनियर्स को 16 लाख से 60 लाख रुपये सालाना तक वेतन मिल सकता है, विशेषकर एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में। भारतीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए रूस 200 सरकारी छात्रवृत्तियाँ देने की योजना बना रहा है, जिसमें अध्ययन और रहने का खर्च शामिल होगा।
