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IIT मद्रास का नया कार्यकारी कार्यक्रम: एआई में व्यावहारिक ज्ञान का विकास

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास ने कार्यरत पेशेवरों के लिए एक नया कार्यकारी कार्यक्रम शुरू किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर केंद्रित है। यह चार महीने का ऑनलाइन पाठ्यक्रम जनरेटिव और एजेंटिक एआई जैसे उभरते उपकरणों का उपयोग सिखाएगा। कोई तकनीकी पृष्ठभूमि की आवश्यकता नहीं है, और यह कार्यक्रम 30 मार्च, 2026 से शुरू होगा। जानें इस पाठ्यक्रम की विशेषताएँ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी।
 
IIT मद्रास का नया कार्यकारी कार्यक्रम: एआई में व्यावहारिक ज्ञान का विकास

एआई में कार्यकारी कार्यक्रम का शुभारंभ



तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल आईटी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास ने कार्यरत पेशेवरों के लिए एक नया कार्यकारी कार्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम जनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई जैसे उभरते उपकरणों के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर केंद्रित है। यह चार महीने का ऑनलाइन कार्यक्रम उन पेशेवरों को भी एआई को समझने और अपने कार्य में लागू करने का अवसर प्रदान करेगा जिनका तकनीकी पृष्ठभूमि नहीं है।


कार्यक्रम की विशेषताएँ

आईआईटी मद्रास ने इस विशेष कार्यक्रम को अपने प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र, आईआईटीएम प्रवर्तक के माध्यम से शुरू किया है, जिसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया गया है। यह पाठ्यक्रम ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म एमेरीटस के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य पेशेवरों को व्यापार जगत में एआई के बढ़ते उपयोग के संदर्भ में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।


किसके लिए है यह पाठ्यक्रम?

यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन कार्यकारी, प्रबंधकों, सलाहकारों और उद्यमियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो रणनीति, संचालन, विपणन, वित्त, मानव संसाधन, परामर्श और उत्पाद प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं। भाग लेने के लिए प्रोग्रामिंग या तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है।


व्यावहारिक सीखने पर जोर

यह चार महीने का पाठ्यक्रम पूरी तरह से ऑनलाइन होगा और इसका ध्यान सिद्धांत की बजाय व्यावहारिक सीखने पर होगा। प्रतिभागियों को नो-कोड और लो-कोड उपकरणों का उपयोग करके एआई का उपयोग करना सिखाया जाएगा। कार्यक्रम में 20 से अधिक परियोजनाएँ और 25 व्यावसायिक केस स्टडी शामिल हैं, ताकि वे वास्तविक समस्याओं पर काम करते हुए सीख सकें। कार्यक्रम के शुभारंभ पर, अतिथि फैकल्टी सदस्य लक्ष्मीनारायणन ने कहा कि जनरेटिव और एजेंटिक एआई तेजी से व्यवसायों के संचालन के तरीके को बदल रहे हैं। इसलिए, पेशेवरों को एआई आधारित अर्थव्यवस्था में नेतृत्व करने के लिए तैयार रहना चाहिए।


महत्वपूर्ण आवेदन विवरण

यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम 30 मार्च, 2026 को शुरू होगा। स्नातक और डिप्लोमा धारक जिनके पास कम से कम पांच वर्षों का कार्य अनुभव है, वे आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक चैनलों के माध्यम से पात्रता और प्रवेश प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।