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AICTE ने तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए चार नई योजनाओं की घोषणा की

AICTE ने देशभर के इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार के लिए चार नई योजनाओं की घोषणा की है। ये योजनाएं 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए लागू होंगी और तकनीकी संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ नई दिल्ली में AICTE के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह द्वारा किया गया। जानें इन योजनाओं के बारे में विस्तार से।
 

नई योजनाओं का उद्देश्य


देशभर के इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार की गुणवत्ता को सुधारने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने चार नई योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इंस्टीट्यूशन डेवलपमेंट सेल के तहत लॉन्च की गई हैं। इनका उद्देश्य तकनीकी संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के बेहतर अवसर देना है।


योजनाओं का शुभारंभ

31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में AICTE के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने सदस्य सचिव प्रो. श्यामा रथ की मौजूदगी में इन योजनाओं का शुभारंभ किया। इन पहलों के जरिए संस्थानों को प्रयोगशालाओं के विकास, शैक्षणिक मार्गदर्शन, रिसर्च और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित करने में सहायता मिलेगी।


AICTE की नई योजनाएं

AICTE की चार नई योजनाएं कौन-सी हैं?


1. आइडिया लैब योजना


इस योजना का उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोग करके सीखने का अवसर देना है। इसके तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के सिद्धांतों का व्यावहारिक इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाएगा। छात्र अपने नए विचारों पर काम कर सकेंगे, प्रोटोटाइप तैयार कर सकेंगे और वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने का प्रयास करेंगे।


2. मॉड्रोब्स योजना


मॉड्रोब्स योजना के तहत तकनीकी संस्थानों को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाने के लिए सहायता दी जाएगी। इससे छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को रिसर्च , शिक्षण और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसका लक्ष्य संस्थानों में व्यावहारिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है।


3. मार्गदर्शन योजना


इस योजना के जरिए कॉलेजों को शैक्षणिक मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग की सुविधा मिलेगी। इसके तहत अनुभवी और केंद्रीय वित्तपोषित संस्थान दूसरे कॉलेजों को मार्गदर्शन देंगे। इससे संस्थानों को अपनी शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने , संसाधनों को साझा करने और संस्थागत क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


4. कॉन्फ्रेंस आयोजन अनुदान योजना


इस योजना का उद्देश्य संस्थानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए सहायता देना है। ऐसे आयोजनों में शोधकर्ता और विषय विशेषज्ञ अपने अनुभव और रिसर्च साझा कर सकेंगे। साथ ही, नई तकनीकों, शोध के अवसरों और अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे विकास पर चर्चा को बढ़ावा मिलेगा।


रिसर्च और संस्थानों की क्षमता बढ़ाने पर जोर

रिसर्च और संस्थानों की क्षमता बढ़ाने पर जोर


योजनाओं के शुभारंभ के दौरान AICTE अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने रिसर्च आधारित और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले शैक्षणिक माहौल की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया।


वहीं, AICTE की सदस्य सचिव प्रो. श्यामा रथ ने संस्थानों से इन योजनाओं के तहत आवेदन करने और उपलब्ध सहायता का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उपयोग संस्थागत क्षमता मजबूत करने और छात्रों के सीखने के परिणाम बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए।


निष्कर्ष

AICTE की इन चार योजनाओं से देश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को आधुनिक सुविधाएं विकसित करने , रिसर्च गतिविधियां बढ़ाने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।