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19 वर्षीय युवक ने ब्लॉग पोस्ट से हासिल की साइबर सुरक्षा में नौकरी

19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी ने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से एक अद्वितीय नौकरी हासिल की, जब उन्होंने CBSE के OSM पोर्टल को हैक किया। इस लेख में, हम थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर की भूमिका, आवश्यक कौशल, और इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आवश्यक पाठ्यक्रमों पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे आप भी इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में कदम रख सकते हैं और शीर्ष कंपनियों में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।
 
19 वर्षीय युवक ने ब्लॉग पोस्ट से हासिल की साइबर सुरक्षा में नौकरी

निसर्ग अधिकारी की अनोखी कहानी



आम तौर पर, लोग नौकरी के लिए आवेदन करते समय अपने रिज़्यूमे भेजते हैं, लेकिन 19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी ने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से एक शानदार नौकरी प्राप्त की। हाल ही में कक्षा 12 की परीक्षा पास करने वाले निसर्ग ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक कर इसकी कमजोरियों की पहचान की। इस उपलब्धि से IIT कानपुर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें सीधे अपने तकनीकी नवाचार केंद्र C3iHub में ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया। आइए जानते हैं कि थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर क्या होता है, इस भूमिका में क्या शामिल है, और इस करियर को आगे बढ़ाने के लिए कौन से पाठ्यक्रम आवश्यक हैं।


थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर की भूमिका

थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर्स साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ होते हैं जो हैकरों, साइबर अपराधियों और डिजिटल खतरों के बारे में जानकारी इकट्ठा और विश्लेषण करते हैं। वे कंपनियों और विभिन्न संस्थानों को संभावित साइबर हमलों से बचाने के लिए रणनीतियाँ तैयार करते हैं।


थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर की जिम्मेदारियाँ:


1. साइबर हमलों और हैकर गतिविधियों की निगरानी करना


2. मैलवेयर, रैनसमवेयर और फ़िशिंग हमलों का विश्लेषण करना


3. डार्क वेब और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) स्रोतों से डेटा इकट्ठा करना


4. संभावित साइबर हमलों पर रिपोर्ट तैयार करना


5. कंपनियों और सरकारी एजेंसियों को साइबर सुरक्षा मामलों पर सलाह देना


6. नए साइबर खतरों की पहचान करना और उन्हें कम करने के उपाय लागू करना


थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर कैसे बनें?

साइबर सुरक्षा में करियर बनाने के लिए, विशेष रूप से थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में, आमतौर पर कंप्यूटर विज्ञान में B.Tech या B.E. की डिग्री की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा में B.Tech, BCA, B.Sc. (कंप्यूटर विज्ञान), MCA, या M.Tech वाले छात्र भी इस करियर पथ का अनुसरण कर सकते हैं। इस भूमिका के लिए आवश्यक प्रमुख कौशल में नेटवर्क सुरक्षा, एथिकल हैकिंग, लिनक्स, पायथन प्रोग्रामिंग, मैलवेयर विश्लेषण, थ्रेट हंटिंग, और क्लाउड सुरक्षा शामिल हैं।


प्रवेश स्तर के लिए आवश्यक प्रमाणन पाठ्यक्रमों में Google Cybersecurity Professional Certificate और IBM Cybersecurity Analyst Certificate शामिल हैं, जबकि पेशेवर स्तर के विकल्पों में Certified Ethical Hacker, Certified Threat Intelligence Analyst, और GIAC Cyber Threat Intelligence जैसे प्रमाणपत्र शामिल हैं।


थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर का वेतन

इस भूमिका में नए पेशेवरों का वार्षिक वेतन ₹5-10 लाख हो सकता है, जो अनुभव के साथ बढ़ता है। हालांकि, प्रमुख तकनीकी कंपनियों, बैंकिंग क्षेत्र, रक्षा संगठनों, और साइबर सुरक्षा फर्मों में वेतन पैकेज काफी अधिक हो सकते हैं। आजकल साइबर हमलों की बढ़ती संख्या के कारण थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर्स की मांग बहुत अधिक है।


शीर्ष कंपनियों में नौकरी के अवसर

थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर्स के लिए Google, Microsoft, Amazon, Infosys, TCS, Wipro, HCL, IBM, और Deloitte जैसी प्रमुख कंपनियों में नौकरियाँ उपलब्ध हैं; ये संगठन कुशल पेशेवरों को प्रतिस्पर्धात्मक और उच्च वेतन प्रदान करते हैं।