री-नीट यूजी 2026 का परिणाम: जानें कब आएगा और क्या हैं प्रक्रिया के चरण
री-नीट यूजी 2026 का परिणाम कब आएगा?
री-नीट यूजी 2026 के परिणाम की प्रतीक्षा अब लाखों छात्रों के लिए समाप्त होने वाली है। परीक्षा के बाद से छात्र और उनके अभिभावक लगातार नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने परिणाम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। परिणाम की घोषणा के साथ ही मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू होगी। एजेंसी ने यह स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम के कारण एमबीबीएस के नए शैक्षणिक सत्र में कोई देरी नहीं होगी। वर्तमान में, परिणाम तैयार करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
20 जुलाई तक परिणाम की उम्मीद
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि री-नीट यूजी 2026 का परिणाम 20 जुलाई तक जारी किया जाएगा। हालांकि, अभी तक किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिणाम निर्धारित समय से पहले भी जारी किया जा सकता है। एनटीए का कहना है कि परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मूल्यांकन प्रक्रिया में तेजी
एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एजेंसी तेजी से मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा कर रही है। आमतौर पर, नीट जैसी बड़ी परीक्षा का परिणाम जारी करने में लगभग 45 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार 21 जून को हुई री-नीट परीक्षा के बाद एक महीने के भीतर परिणाम जारी करने की योजना है।
10,000 आपत्तियों की समीक्षा
रिजल्ट जारी करने से पहले एनटीए सभी दर्ज आपत्तियों की जांच कर रहा है। 25 जून को प्रोविजनल आंसर-की जारी की गई थी और 28 जून तक अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिला था। एजेंसी के अनुसार, लगभग 10,000 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। प्रत्येक आपत्ति के साथ जमा किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद ही फाइनल आंसर-की जारी की जाएगी।
एमबीबीएस सत्र समय पर शुरू होगा
पेपर लीक विवाद और री-एग्जाम के बाद छात्रों को यह चिंता थी कि मेडिकल कॉलेजों का नया सत्र प्रभावित हो सकता है। हालांकि, एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम और काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार पूरी की जाएगी। अगस्त या सितंबर में शुरू होने वाला नया शैक्षणिक सत्र अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही चलेगा।
काउंसलिंग प्रक्रिया के चरण
री-नीट यूजी का परिणाम घोषित होने के बाद, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी काउंसलिंग का पूरा शेड्यूल जारी करेगी। इसमें 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा, एम्स, जिपमर और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटों के लिए काउंसलिंग होगी। शेष 85 प्रतिशत सीटों पर संबंधित राज्य सरकारें काउंसलिंग कराएंगी। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण, फीस जमा करने और कॉलेजों की पसंद दर्ज करने के बाद रैंक के आधार पर सीट आवंटित की जाएगी।
