CBSE की LOC में छात्र डेटा सुधारने की प्रक्रिया की जानकारी
CBSE द्वारा छात्र डेटा सुधारने की प्रक्रिया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी संबद्ध स्कूलों को 2025-26 कक्षा 10 और 12 की मुख्य बोर्ड परीक्षाओं के लिए उम्मीदवारों की सूची (LOC) में छात्र डेटा की सही प्रविष्टि सुनिश्चित करने की याद दिलाई है। यह सुधार सुविधा 13 से 27 अक्टूबर तक आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध होगी। इस अवधि के दौरान, स्कूल अपने छात्रों के नाम, जन्म तिथि और विषय विवरण में किसी भी त्रुटि को सुधार सकते हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के नाम, जन्म तिथि और चुने गए विषयों की वर्तनी स्कूल के प्रवेश रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए। किसी भी त्रुटि का प्रभाव छात्र की भविष्य की परीक्षाओं और मार्कशीट पर पड़ सकता है। इसलिए, स्कूलों को LOC भरते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विषय कोड चुनने में सावधानी बरतें
बोर्ड ने विषय कोड चुनने में गलतियों से बचने के लिए उदाहरण प्रदान किए हैं। कक्षा 10: हिंदी-ए (002), हिंदी-बी (085), उर्दू-ए (003), उर्दू-बी (303), गणित (मानक) (041), गणित (बेसिक) (241)
कक्षा 12: हिंदी कोर (302), हिंदी वैकल्पिक (002), अंग्रेजी कोर (301), अंग्रेजी वैकल्पिक (001), संस्कृत कोर (322), संस्कृत वैकल्पिक (022), उर्दू कोर (303), उर्दू वैकल्पिक (003), गणित (041), अनुप्रयुक्त गणित (241)। बोर्ड ने स्कूलों को सलाह दी है कि विषय कोड सही ढंग से चुने जाएं, क्योंकि ये सीधे छात्र के परिणाम और मार्कशीट से जुड़े होते हैं।
सुधार प्रक्रिया की जानकारी
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि LOC जमा करने के बाद भी सुधार सुविधा उपलब्ध होगी। यदि किसी स्कूल ने समय पर LOC जमा किया है और शुल्क का भुगतान किया है, लेकिन बाद में छात्र के डेटा में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो इसे समय सीमा तक सुधारा जा सकता है। हालांकि, कुछ परिवर्तनों के लिए अतिरिक्त शुल्क लागू हो सकता है।
सुधार प्रक्रिया के बाद, स्कूल प्रत्येक छात्र के लिए सत्यापन पर्ची उत्पन्न कर सकेंगे। यदि इस प्रक्रिया के दौरान कोई त्रुटि पाई जाती है, तो सुधार सुविधा उपलब्ध होगी।
कक्षा 9 और 11 के छात्रों के लिए समान नियम लागू हैं।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 9 और 11 के छात्रों के LOC फॉर्म में नाम, जन्म तिथि और विषय विवरण को सुधारने की सुविधा 13 से 27 अक्टूबर तक उपलब्ध होगी। स्कूलों को इस अवधि के दौरान सभी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि भविष्य में किसी भी समस्या से बचा जा सके।
