BHU में पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू
BHU में प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पाठ्यक्रम में चयन NEET UG 2026 के अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो उम्मीदवार NEET UG परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। योग्य उम्मीदवार अब BHU के प्रवेश पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि
BHU ने स्पष्ट किया है कि इस पाठ्यक्रम में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों को 20 सितंबर 2026 को रात 11:59 बजे तक पंजीकरण पूरा करना होगा। जो उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराते, उन्हें सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। इसलिए, इच्छुक छात्रों को समय पर आवेदन पूरा करना आवश्यक है।
तीन राउंड में सीट आवंटन
BHU इस पाठ्यक्रम के लिए कुल तीन राउंड में सीट आवंटन प्रक्रिया का संचालन करेगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 सितंबर 2026 है। इसके बाद, पहली सीट आवंटन सूची 28 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी। दूसरी सूची 1 अक्टूबर 2026 को और तीसरी सूची 5 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। यदि इन तीन राउंड के बाद कोई सीटें खाली रह जाती हैं, तो 14 अक्टूबर 2026 को एक मॉप-अप राउंड के लिए खाली सीटों की सूची जारी की जाएगी।
आवेदन कैसे करें?
पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन करने के इच्छुक छात्रों को निम्नलिखित सरल चरणों का पालन करना चाहिए। सबसे पहले, आधिकारिक BHU प्रवेश पोर्टल पर जाएं: admission.bhu.ac.in। फिर, BVSc & AH कार्यक्रम के लिए पंजीकरण लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद, अपने सक्रिय ईमेल आईडी का उपयोग करके एक नया खाता बनाएं। फिर, आवश्यक शैक्षणिक और व्यक्तिगत विवरण भरें, और NEET UG 2026 रोल नंबर और स्कोर दर्ज करें। इसके बाद, पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें और आवेदन जमा करें। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड करें।
फॉर्म भरते समय ध्यान रखने योग्य बातें
उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में भरे गए सभी जानकारी की अच्छी तरह से जांच करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से, NEET UG 2026 रोल नंबर और स्कोर को सही ढंग से दर्ज करना महत्वपूर्ण है ताकि कोई त्रुटि न हो। इसके अलावा, छात्रों को पंजीकरण प्रक्रिया को समय से पहले पूरा करना चाहिए, ताकि अंतिम समय में तकनीकी समस्याओं या जल्दी करने से संबंधित जटिलताओं से बचा जा सके।
