बिहार में नई डिग्री प्रोग्राम: नौकरी के साथ शिक्षा का अनूठा अवसर
बिहार में एप्रेंटिसशिप-एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम का शुभारंभ
बिहार के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। राज्य में 12वीं कक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए एप्रेंटिसशिप-एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को कई लाभ मिलेंगे; विशेष रूप से, AEDP में नामांकित छात्रों को स्नातक की डिग्री, नौकरी की प्रशिक्षण और एक भत्ता प्राप्त होगा। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश 12वीं कक्षा के बाद खुला है। AEDP को यूजीसी दिशानिर्देशों और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है।
नौकरी-उन्मुख शिक्षा से छात्रों को जोड़ने की पहल
बिहार सरकार ने छात्रों को नौकरी-उन्मुख शिक्षा से जोड़ने के लिए एप्रेंटिसशिप-एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम 12वीं कक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें स्नातक की डिग्री के साथ-साथ नौकरी का प्रशिक्षण भी शामिल है। एक प्रमुख विशेषता यह है कि नौकरी प्रशिक्षण के दौरान भत्ता प्रदान किया जाएगा।
बिहार में तीन कॉलेजों में AEDP की शुरुआत
बिहार सरकार ने AEDP को लागू किया है। वर्तमान में, यह कार्यक्रम राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध तीन कॉलेजों में शुरू किया गया है—विशेष रूप से, BRA बिहार विश्वविद्यालय के अंतर्गत तीन कॉलेजों का चयन किया गया है। इनमें लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज, मोतिहारी, और अन्य शामिल हैं।
8 सेमेस्टर में 4 वर्षीय AEDP
AEDP की संरचना चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम है, जिसमें आठ सेमेस्टर शामिल हैं। प्रवेश प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है, और शैक्षणिक सत्र सितंबर में शुरू होने की तैयारी है। इस चार वर्षीय कार्यक्रम की एक विशिष्टता यह है कि पाठ्यक्रम का 75% शैक्षणिक शिक्षा पर केंद्रित है, जबकि 25% उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण के लिए समर्पित है। तीसरे वर्ष में, छात्रों को उद्योग में एक अनिवार्य, भत्ताधारी एप्रेंटिसशिप करनी होगी। AEDP के तहत BA इन कंटेंट और क्रिएटिव राइटिंग, B.Com इन बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस, और B.Com इन रिटेल ऑपरेशंस जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ये पाठ्यक्रम अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के समान मान्यता प्राप्त करेंगे।