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प्रिंसटन विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई में गिरावट

प्रिंसटन विश्वविद्यालय में इस वर्ष कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई में गिरावट आई है, जिससे छात्रों के रुझान में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नए छात्र अब इंजीनियरिंग और गणित जैसे विषयों की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि अर्थशास्त्र और सार्वजनिक मामलों में रुचि बनी हुई है। यह बदलाव शिक्षा और करियर के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और छात्रों की नई प्राथमिकताएँ।
 

कंप्यूटर विज्ञान में मांग में कमी


प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका में इस वर्ष एक दिलचस्प बदलाव देखा गया है। नए छात्रों ने अपने प्रमुख विषयों का चयन करते समय कंप्यूटर विज्ञान जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। यह बदलाव केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है; बल्कि यह बदलते समय, उभरती तकनीकों और नौकरी के बाजार में अनिश्चितता को दर्शाता है।


डिक्लेरेशन डे पर बदलते रुझान

प्रिंसटन विश्वविद्यालय के परिसर में 'डिक्लेरेशन डे' के अवसर पर, 2028 के छात्रों ने अपने-अपने प्रमुख विषयों का चयन किया। यह दिन छात्रों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उस क्षण को चिह्नित करता है—दो वर्षों की पढ़ाई के बाद—जब वे अपने भविष्य के करियर की दिशा तय करते हैं। इस वर्ष के आंकड़े स्पष्ट रूप से छात्र प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाते हैं।


कंप्यूटर विज्ञान की लोकप्रियता में गिरावट

कंप्यूटर विज्ञान पहले सबसे अधिक चुने जाने वाले प्रमुख विषयों में से एक था, लेकिन इस वर्ष इसकी लोकप्रियता में काफी कमी आई है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 60 छात्रों ने एक ही वर्ष में इस विषय को छोड़ दिया, जो अब तक का सबसे बड़ा गिरावट माना जा रहा है। इस गिरावट का कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता प्रभाव और नौकरी के बाजार में अनिश्चितता है। छात्रों को अब यह महसूस हो रहा है कि यह क्षेत्र पहले की तरह सुरक्षित नहीं है।


इंजीनियरिंग और गणित की ओर बढ़ता रुझान

कंप्यूटर विज्ञान से दूर होते हुए, छात्र अब अन्य तकनीकी क्षेत्रों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। विशेष रूप से, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में रुचि में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके अलावा, यांत्रिक और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के साथ-साथ गणित जैसे विषयों में भी छात्रों की रुचि बढ़ी है। छात्र इन पाठ्यक्रमों को भविष्य के लिए अधिक स्थिर और सुरक्षित मानते हैं।


अर्थशास्त्र और सार्वजनिक मामलों की मजबूती

अर्थशास्त्र अब भी सबसे पसंदीदा विषय बना हुआ है, जिसमें हर दस में से एक छात्र इसे चुनता है। इसके अलावा, सार्वजनिक और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के पाठ्यक्रमों में छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। आणविक जीवविज्ञान जैसे विषयों में भी इस वर्ष नामांकन में स्वस्थ वृद्धि देखी गई है, जो वैज्ञानिक क्षेत्र में नए अवसरों का संकेत देती है।


मानविकी में मिश्रित रुझान

मानविकी में, यानी कला और समाज से संबंधित विषयों में, मिश्रित रुझान देखा गया है। जबकि इतिहास और दर्शन जैसे विषयों में थोड़ी वृद्धि हुई है, अन्य विषयों में गिरावट जारी है। उदाहरण के लिए, इस बार फ्रेंच और इटालियन जैसे विषयों में बहुत कम छात्रों ने नामांकन किया, जो इन पाठ्यक्रमों की घटती लोकप्रियता को दर्शाता है।


छात्रों के निर्णय कैसे विकसित होते हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश छात्र कॉलेज में पूर्वाग्रह के साथ प्रवेश करते हैं, लेकिन समय के साथ उनके दृष्टिकोण में बदलाव आता है। कई छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान नए विषयों का सामना करते हैं और इसके बाद अपने शैक्षणिक पथ को बदलते हैं। कुछ छात्र प्रयोगशाला आधारित विज्ञान से मानविकी जैसे विषयों में चले जाते हैं, जबकि अन्य इंजीनियरिंग में अपनी विशेषता बदलते हैं। यह दर्शाता है कि करियर के निर्णय एक निश्चित क्षण में नहीं, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होते हैं।


छात्रों के विकल्पों में व्यावहारिक सोच

आज के छात्र केवल अपने व्यक्तिगत रुचियों के आधार पर निर्णय नहीं ले रहे हैं, बल्कि भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान दे रहे हैं। वे ऐसे पाठ्यक्रमों का चयन करना चाहते हैं जो भविष्य में विकास के लिए कई विकल्प और रास्ते प्रदान करें। अंतःविषय पाठ्यक्रम—जो तकनीक, अर्थशास्त्र और नीति के तत्वों को मिलाते हैं—अब महत्वपूर्ण लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं।


बदलते समय का एक प्रमुख संकेतक

इस व्यापक प्रवृत्ति से एक बात स्पष्ट होती है: कंप्यूटर विज्ञान अब सफलता का एकमात्र मार्ग नहीं है। छात्र अब विभिन्न क्षेत्रों में अपनी संभावनाओं का सक्रियता से अन्वेषण कर रहे हैं, ऐसे पाठ्यक्रमों का चयन कर रहे हैं जो दीर्घकालिक स्थिरता और लचीलापन का वादा करते हैं। यह बदलाव शिक्षा और करियर के भविष्य की दिशा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।