दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऑनलाइन स्कूल प्रवेश पोर्टल की शुरुआत
दिल्ली में शिक्षा के लिए नई पहल
दिल्ली में रहने वाले माता-पिता के लिए एक अच्छी खबर है। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवार अब अपने बच्चों को निजी स्कूलों में आसानी से दाखिला दिला सकेंगे। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए EWS, DG और CWSN श्रेणियों के लिए एक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल लॉन्च किया है। यह प्रणाली माता-पिता को घर से आवेदन करने की सुविधा देती है, जिससे स्कूलों में जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। यह पहल शिक्षा को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में दाखिले के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है, जो कि शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत लागू होगा। यह सुविधा नर्सरी, किंडरगार्टन और कक्षा 1 में दाखिले के लिए मान्य होगी। अब पूरा प्रक्रिया डिजिटल रूप से पूरी की जाएगी, जिससे समय और प्रयास की बचत होगी।
किसे मिलेगा लाभ?
यह सुविधा तीन मुख्य श्रेणियों के बच्चों के लिए उपलब्ध है:
1. EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है।
2. DG (अविकसित समूह): इसमें SC, ST, OBC (गैर-क्रीमी लेयर), अनाथ, ट्रांसजेंडर बच्चे और HIV प्रभावित बच्चे शामिल हैं।
3. CWSN (विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे): इस श्रेणी में विशेष जरूरतों वाले बच्चे शामिल हैं।
आवेदन कैसे करें?
माता-पिता को आधिकारिक वेबसाइट edudel.nic.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो), निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र या जाति प्रमाण पत्र तैयार रखना होगा। प्रदान की गई जानकारी सटीक होनी चाहिए, क्योंकि किसी भी त्रुटि के कारण आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।
पारदर्शी लॉटरी प्रणाली
निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें इन श्रेणियों के लिए आरक्षित हैं। दाखिले एक कंप्यूटर आधारित लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहेगी। चयनित छात्रों की सूची पोर्टल पर जारी की जाएगी, और माता-पिता को सूचित किया जाएगा।
माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण सलाह
शिक्षा विभाग ने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय पर आवेदन करें। फॉर्म जमा करने के बाद उसकी एक प्रति रखें। किसी भी समस्या की स्थिति में, वे निकटतम हेल्प डेस्क या शिक्षा विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह नया प्रणाली जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।