दिल्ली में CBSE परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बाधा
CBSE परीक्षा मूल्यांकन में समस्या
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं, जबकि कक्षा 12 के कई विषयों की परीक्षाएं पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं। शेष विषयों की परीक्षाएं 9 अप्रैल तक चलेंगी। इस बीच, CBSE ने मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन दिल्ली में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की कमी के कारण यह प्रक्रिया ठप हो गई है। इस संदर्भ में, CBSE ने दिल्ली शिक्षा निदेशालय को एक पत्र लिखा है।
मूल्यांकन कार्य में रुकावट के कारण
CBSE ने बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू किया है, लेकिन दिल्ली में शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण यह कार्य प्रभावित हो रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि स्कूल के प्राचार्य शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य के लिए मुक्त नहीं कर रहे हैं। इस वजह से, शिक्षकों की व्यस्तता के कारण CBSE का मूल्यांकन कार्य सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पा रहा है।
CBSE का पत्र
CBSE ने दिल्ली शिक्षा निदेशालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। पत्र में बताया गया है कि CBSE को लगातार रिपोर्ट मिल रही हैं कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के अतिथि और नियमित शिक्षक मूल्यांकन कार्य के लिए मुक्त नहीं किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, मूल्यांकन कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। CBSE ने बताया कि स्कूल प्रशासन निदेशालय के 2024 के सर्कुलर का हवाला दे रहे हैं, जिसमें CBSE से संबंधित कार्यों के लिए अतिथि शिक्षकों को मुक्त करने के खिलाफ निर्देश दिए गए हैं।
CBSE की मांग
CBSE ने शिक्षा निदेशालय से अनुरोध किया है कि अतिथि शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य के लिए मुक्त करने के संबंध में निर्देश जारी करने से बचा जाए। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी। अब यह शिक्षा निदेशालय पर निर्भर करता है। यह ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली में अतिथि शिक्षकों ने CBSE बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।