स्कूल में बिना आधार कार्ड के प्रवेश: एक गंभीर समस्या
बिना आधार कार्ड के स्कूल में प्रवेश
कल्याणी (नाम बदला हुआ), जो नोएडा के मोरना की निवासी हैं और पूर्वी यूपी के एक गांव से आती हैं, ने 1 अप्रैल को एक सरकारी स्कूल में प्रवेश के लिए अपने दो बेटियों—8 और 5 वर्ष की उम्र—के साथ पहुंचीं। चूंकि वह खुद निरक्षर हैं, स्कूल में प्रवेश के लिए बच्चों के आधार कार्ड की मांग की गई। आधार कार्ड न होने के कारण, उन्होंने प्रवेश की गुहार लगाई, लेकिन स्कूल ने उन्हें यह कहते हुए लौटा दिया कि पहले आधार कार्ड प्राप्त करना आवश्यक है।
क्या यह सही है?
कल्याणी का मामला अकेला नहीं है; ऐसे कई उदाहरण हैं जहां सरकारी स्कूलों ने आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण के बिना प्रवेश देने से मना कर दिया। वहीं, निजी स्कूलों में भी आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र की मांग की जाती है। इस स्थिति को देखते हुए, हरियाणा के शिक्षा विभाग ने एक विशेष सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि आधार कार्ड के बिना भी प्रवेश दिया जाना चाहिए।
हरियाणा शिक्षा निदेशालय का आदेश
हरियाणा में नए शैक्षणिक सत्र के लिए, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने "प्रवेश उत्सव" पहल के तहत एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें सभी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि बच्चों को बिना आधार कार्ड या परिवार पहचान पत्र के प्रवेश दिया जाए। यह सर्कुलर स्पष्ट रूप से कहता है कि ईंट भट्टों या निर्माण स्थलों पर काम करने वाले बच्चों को, जो आधार कार्ड या अन्य पहचान दस्तावेज नहीं रखते, उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
आधार कार्ड की आवश्यकता को लेकर विवाद नया नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2018 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि स्कूल में प्रवेश के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।
समस्या का मूल
दिल्ली के 'सोशल जुरिस्ट' अशोक अग्रवाल का कहना है कि सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता की बात केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि दिल्ली के स्कूलों में भी सुनाई देती है। जब कोई व्यक्ति स्कूल जाकर नियमों का हवाला देता है, तो उन्हें प्रवेश दिया जाता है।
क्या किया जाए अगर स्कूल प्रवेश से मना करे?
डॉ. अशोक का सुझाव है कि यदि कोई स्कूल प्रवेश देने से मना करता है, तो इसके खिलाफ सिविल कोर्ट या उच्च न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी माता-पिता को स्कूल में जाकर यह कहना चाहिए कि बच्चे को आधार कार्ड के बिना भी प्रवेश दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह बच्चे का मौलिक अधिकार है।