सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से NCERT की विवादास्पद किताब पर लगी रोक
NCERT की किताब पर विवाद और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई
हाल ही में, कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की एक नई किताब को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस किताब में न्यायपालिका पर एक अध्याय था, जिस पर आपत्ति उठाई गई। मामला इतना बढ़ गया कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। NCERT ने तुरंत किताब की बिक्री रोक दी और खरीदी गई प्रतियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की। इस घटना ने छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा कर दी, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
NCERT ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब, *Exploring Society India and Beyond* (भाग 2) जारी की थी। इस किताब में *हमारी समाज में न्यायपालिका की भूमिका* शीर्षक का एक अध्याय था, जिसमें *न्यायपालिका में भ्रष्टाचार* नामक एक खंड शामिल था, जिस पर आपत्ति उठाई गई।
इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सामग्री पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि किसी को भी न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए किताब के आगे के प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन स्कूलों में किताब पहुंची है, उनके प्रिंसिपल और NCERT के निदेशक को सभी प्रतियों को तुरंत जब्त करने और कोर्ट को रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी दी गई।
किताब की बिक्री के तीन दिनों में कुल 38 प्रतियां बेची गईं। बिक्री रोकने के बाद, NCERT ने सभी खरीदारों से संपर्क करना शुरू किया। अब तक, 38 में से 31 प्रतियों को वापस लिया जा चुका है। शेष प्रतियों की वापसी की प्रक्रिया जारी है।
NCERT के सचिव हिमांशु गुप्ता ने एक सलाह जारी की, जिसमें लोगों से अनुरोध किया गया कि वे विवादास्पद अध्याय की सामग्री को सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दें। सभी खरीदारों से भी किताब को तुरंत लौटाने का आग्रह किया गया।
छात्रों और अभिभावकों ने किताब पर रोक लगने और प्रतियों की वापसी के बाद राहत की सांस ली। अब, स्कूलों में इस किताब को लेकर कोई भ्रम नहीं होगा। NCERT नए समीक्षा के बाद संशोधित सामग्री जारी कर सकता है।