×

सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया में विवाद: छात्रों के सवालों का सामना

सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका जांच प्रणाली में एक नया विवाद सामने आया है, जब कक्षा 12 के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गलत कॉपी दिखाई गई थी, जिसके बाद बोर्ड ने गलती स्वीकार की। हालांकि, जब सही कॉपी मिली, तो उसमें लाल पेन के निशान पाए गए, जिससे डिजिटल मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे। इस विवाद ने छात्रों और अभिभावकों के बीच गुस्सा पैदा कर दिया है, और अब वेदांत री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करने की योजना बना रहा है।
 

नई दिल्ली में सीबीएसई विवाद


नई दिल्ली: सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका जांच प्रणाली को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. कक्षा 12 के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. पहले छात्र ने आरोप लगाया था कि वेरिफिकेशन के दौरान उसे किसी दूसरे छात्र की फिजिक्स कॉपी दिखाई गई. मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बोर्ड ने गलती स्वीकार करते हुए सही कॉपी उपलब्ध कराई. लेकिन इसके बाद सामने आई तस्वीरों ने नया विवाद खड़ा कर दिया.


रेड पेन से उठे सवाल

रेड पेन ने खोली 


वेदांत द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट्स में उत्तर पुस्तिका पर लाल पेन से किए गए निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. यही बात अब छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. सीबीएसई ने इस साल दावा किया था कि कॉपियों की जांच पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी, लेकिन वायरल तस्वीरों ने बोर्ड के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आखिर डिजिटल मूल्यांकन में लाल पेन की जरूरत क्यों पड़ी.


गलत कॉपी से शुरू हुआ पूरा विवाद

गलत कॉपी से शुरू हुआ पूरा विवाद


पूरा मामला तब शुरू हुआ जब वेदांत ने दावा किया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई फिजिक्स उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं थी. छात्र के अनुसार कॉपी में लिखावट, जवाब और हल किए गए सवाल तक अलग थे. उसने कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तुलना दिखाई. मामला तेजी से वायरल हुआ और छात्रों ने सीबीएसई की डिजिटल प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. बढ़ते दबाव के बाद बोर्ड ने छात्र से संपर्क किया और कॉपियों के 'मिक्स-अप' की बात स्वीकार कर ली.


सही कॉपी मिलने पर नया विवाद

सही कॉपी मिली तो खुली नई पोल


सीबीएसई ने बाद में वेदांत को उसकी असली उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई, लेकिन यहीं से विवाद और बढ़ गया. छात्र ने जब नई कॉपी के स्क्रीनशॉट साझा किए तो उसमें लाल पेन से टिक, गोले और कटिंग दिखाई दी. इससे यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या बोर्ड ने डिजिटल प्रक्रिया के बजाय पारंपरिक तरीके से कॉपी जांची. तस्वीरों में दिखाई देने वाले निशान सामान्य मैनुअल मूल्यांकन जैसे लग रहे हैं, जिसने बोर्ड के डिजिटल दावों पर सवाल खड़े कर दिए.


डिजिटल सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

डिजिटल सिस्टम पर उठे बड़े सवाल


सीबीएसई ने इस साल कहा था कि मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कॉपियों को स्कैन कर ऑनलाइन जांचा जाएगा. लेकिन वेदांत की फिजिक्स कॉपी और उसकी पहले साझा की गई इंग्लिश कॉपी में स्पष्ट अंतर दिखाई दिया. इंग्लिश कॉपी पूरी तरह डिजिटल मार्किंग वाली बताई जा रही थी, जबकि फिजिक्स कॉपी पर लाल पेन के निशान मौजूद थे. इसी विरोधाभास के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.


सोशल मीडिया पर छात्रों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर बढ़ा छात्रों का गुस्सा


मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं लगातार बढ़ रही हैं. कई यूजर्स का कहना है कि अगर डिजिटल मूल्यांकन का दावा किया गया था तो फिर पारंपरिक तरीके से जांच क्यों की गई. कुछ लोगों ने इसे बोर्ड की लापरवाही बताया, जबकि कुछ ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए. लगातार हो रही आलोचना के बीच सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है.


कम नंबरों से असंतुष्ट है छात्र

कम नंबरों से असंतुष्ट है छात्र


गलती स्वीकार किए जाने और सही कॉपी मिलने के बाद भी वेदांत पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. छात्र का कहना है कि उसकी उत्तर पुस्तिका में सही जवाब होने के बावजूद उसे अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं. अब वह दोबारा री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहा है. इस पूरे विवाद ने सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया, डिजिटल सिस्टम और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है.