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सीबीएसई कक्षा 12 अर्थशास्त्र परीक्षा: छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

सीबीएसई ने 18 मार्च 2026 को कक्षा 12 की अर्थशास्त्र परीक्षा आयोजित की, जिसमें छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। पेपर में 34 प्रश्न थे, जो समष्टि और भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित थे। शिक्षकों ने इसे संतुलित और मध्यम चुनौतीपूर्ण माना, जबकि कुछ छात्रों ने केस स्टडी सवालों को समय लेने वाला बताया। जानें इस परीक्षा के बारे में और क्या कहा छात्रों और शिक्षकों ने।
 

परीक्षा का विवरण


नई दिल्ली: आज, 18 मार्च 2026 को, सीबीएसई ने कक्षा 12 की अर्थशास्त्र परीक्षा आयोजित की। यह परीक्षा कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। कुल 80 अंकों के इस पेपर को तीन घंटे में पूरा करना था। इसमें 34 प्रश्न शामिल थे, जो भाग A (समष्टि अर्थशास्त्र) और भाग B (भारतीय आर्थिक विकास) में विभाजित थे। प्रश्नों में डायरेक्ट, संख्यात्मक और एप्लीकेशन-बेस्ड का अच्छा मिश्रण था। लगभग 20 प्रतिशत योग्यता-आधारित सवालों ने छात्रों की कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और वास्तविक दुनिया की समझ को परखा। शिक्षकों और छात्रों के अनुसार, पेपर एनसीईआरटी आधारित, संतुलित और मध्यम कठिनाई का था, लेकिन केस स्टडी वाले सवालों ने समय लेने में कठिनाई पैदा की।


मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कुछ ने इसे अपनी अपेक्षाओं के अनुसार बताया, जबकि अन्य ने केस स्टडी पर अधिक समय लगने की शिकायत की। शिक्षकों का मानना है कि पेपर पैटर्न सैंपल पेपर के समान था। बहुविकल्पीय सवालों में से अधिकांश मध्यम स्तर के थे, जबकि कुछ में सोचने की आवश्यकता थी। संख्यात्मक भाग अपेक्षाकृत आसान रहा, जिसमें राष्ट्रीय आय और बुनियादी गणनाओं के सवाल सीधे सूत्रों पर आधारित थे। कुल मिलाकर, अच्छी तैयारी वाले छात्रों के लिए यह एक स्कोरिंग पेपर साबित हुआ।


संतुलित प्रश्न वितरण

पेपर में समष्टि और भारतीय अर्थव्यवस्था से समान संख्या में सवाल पूछे गए। MCQs से लेकर लॉन्ग आंसर तक सभी प्रकार के प्रश्न शामिल थे। शिक्षकों के अनुसार, प्रश्नों का वितरण संतुलित था और यह मध्यम स्तर का रहा।


संख्यात्मक सवाल आसान

राष्ट्रीय आय, बुनियादी गणनाएं और सरल सूत्रों के अनुप्रयोग वाले प्रश्न सीधे थे। जटिल गणनाओं के बजाय, प्रश्नों में बुनियादी समझ पर ध्यान केंद्रित किया गया था, जिससे छात्रों को अंक प्राप्त करना आसान हो गया।


केस स्टडी पर आपत्ति

कई छात्रों ने केस स्टडी आधारित सवालों को समय लेने वाला बताया। इन सवालों को समझने के लिए सावधानी से पढ़ना आवश्यक था, जिससे कुछ छात्रों को समय प्रबंधन में कठिनाई हुई।


शिक्षकों की राय

शिक्षकों ने इस पेपर को व्यापक, निष्पक्ष और मध्यम चुनौतीपूर्ण माना। एनसीईआरटी पर आधारित होने के कारण, अच्छी तैयारी वाले छात्रों को लाभ मिला।


समग्र मूल्यांकन

पेपर ने सिद्धांत और प्रायोगिक अनुप्रयोग के बीच संतुलन बनाए रखा। आसान से मध्यम स्तर तक के सवालों ने छात्रों की वैचारिक समझ को अच्छी तरह परखा। अच्छे अभ्यास वाले छात्र संतुष्ट नजर आए।