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यूजीसी-नेट परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों की जांच शुरू

यूजीसी-नेट जून 2026 की सोशलॉजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के चलते शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को जांच के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पीडीएफ में परीक्षा के प्रश्नपत्र के सवालों का दावा किया गया है। राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, आरोप लगाते हुए कि सरकार परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में असफल रही है। छात्रों की मेहनत दांव पर है और अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है।
 

परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल


देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। यूजीसी-नेट जून 2026 की सोशलॉजी परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों के चलते शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और न ही पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि की गई है।


सोशल मीडिया पर लीक का दावा

सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि 30 जून को आयोजित सोशलॉजी परीक्षा से पहले 100 पन्नों का एक पीडीएफ साझा किया गया था, जिसमें लगभग 90 प्रश्न वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि यह कथित प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में लगभग 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था। एनटीए अब इन दावों की सत्यता की जांच करेगा।


राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद सरकार परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत दांव पर है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपनी आवाज उठाने की अपील की।


नीट-यूजी पेपर लीक का मामला

इससे पहले नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला भी देशभर में चर्चा का विषय बना था। उस परीक्षा को रद्द कर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में परीक्षा दोबारा आयोजित की गई। ऐसे में यूजीसी-नेट को लेकर सामने आए नए आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि पेपर लीक के दावे सही हैं या नहीं।