महिलाओं को भारतीय सेना में स्थायी कमीशन का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस फैसले के बाद, भारतीय सेना में महिलाओं को अब स्थायी कमीशन दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेना में अवसर केवल पुरुषों के लिए आरक्षित नहीं हो सकते। इसके अलावा, महिलाओं को स्थायी कमीशन से वंचित करना "संविधानिक भेदभाव" है, जिसे अदालत ने अस्वीकार्य बताया। संविधान के अनुच्छेद 142 का हवाला देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने "पूर्ण न्याय" सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया।
मामले की पूरी जानकारी
इस ऐतिहासिक निर्णय का आधार एक याचिका थी, जिसमें भारतीय सेना में महिलाओं को केवल शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) देने की प्रथा को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत में इस प्रणाली के खिलाफ अपील की थी। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेना में अवसर केवल पुरुषों के लिए नहीं होने चाहिए; महिलाओं को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत महिलाओं की स्थिति
भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए, महिला उम्मीदवारों को वर्तमान में केवल शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के माध्यम से भर्ती किया जाता है। इस प्रणाली के तहत, महिला अधिकारियों को 10 से 14 वर्षों तक सेवा करने का अवसर मिलता है। इसके बाद, उनके करियर के विकल्प सीमित हो जाते हैं, और उन्हें सेवा छोड़नी पड़ती है। इसके विपरीत, स्थायी कमीशन का प्रावधान केवल पुरुष अधिकारियों के लिए उपलब्ध रहा है, जो सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रह सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद क्या बदलेगा?
महिलाओं का शीर्ष पदों में प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद, भारतीय सेना में महिलाएं अब स्थायी कमीशन प्राप्त करने के योग्य होंगी। यह निर्णय भारतीय सेना के पदोन्नति प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। उदाहरण के लिए, शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से भर्ती की गई महिला अधिकारियों को अब पदोन्नति के लिए पात्रता मिलेगी।
चयन प्रक्रिया में बदलाव: सुप्रीम कोर्ट ने महिला उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया में सुधार के लिए निर्देश दिए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया में बदलाव की संभावना है। साथ ही, उनकी स्थायी भर्ती के मानदंडों में भी संशोधन किया जाएगा।
सेना में महिलाओं का बढ़ता प्रतिनिधित्व: पहले, शॉर्ट सर्विस कमीशन प्रणाली के कारण, भारतीय सेना में महिलाओं के लिए करियर सुरक्षा की कमी थी; लेकिन अब महिलाएं स्थायी कमीशन प्राप्त करेंगी। इससे भारतीय सेना महिलाओं के लिए एक सुरक्षित करियर विकल्प बनेगी।