महत्वपूर्ण बदलाव: सैन्य नर्सिंग सेवा कर्मचारियों को मिलेगा पूर्व सैनिक का दर्जा
सैन्य नर्सिंग सेवा कर्मचारियों के लिए नए नियम
सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण समाचार: सैन्य नर्सिंग सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। रक्षा मंत्रालय ने MNS कर्मचारियों को पूर्व सैनिक का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इससे MNS कर्मचारियों के लिए पुनः रोजगार की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। यह बदलाव 9 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगा। रक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय सरकार के अनुच्छेद 309 के तहत पूर्व सैनिकों (केंद्रीय सिविल सेवाओं और पदों में पुनः रोजगार) संशोधन नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।
आइए इस पूरी कहानी को समझते हैं। हम जानेंगे कि कौन से MNS कर्मचारी पूर्व सैनिक के रूप में अधिसूचित किए गए हैं और इससे उन्हें क्या लाभ मिलेगा।
ये MNS कर्मचारी अब पूर्व सैनिक हैं।
रक्षा मंत्रालय ने नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसमें MNS कर्मचारियों को पूर्व सैनिकों की परिभाषा में शामिल किया गया है। मंत्रालय ने नियम 2(c)(i) में संशोधन किया है ताकि भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के MNS कर्मचारियों को शामिल किया जा सके। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी MNS कर्मचारी, चाहे वे किसी भी रैंक के हों—लड़ाकू या गैर-लड़ाकू—पूर्व सैनिकों के रूप में परिभाषित किए जाएंगे।
पुनः रोजगार में सुविधा होगी।
रक्षा मंत्रालय द्वारा नियमों में बदलाव के बाद, MNS कर्मचारी भी पूर्व सैनिकों के रूप में माने जाएंगे। इससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सीधा लाभ होगा। इन परिवर्तनों के बाद, MNS कर्मचारियों को अन्य पूर्व सैनिकों के समान पुनः रोजगार के लिए लाभ प्राप्त होंगे। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, MNS कर्मचारियों को अब समूह C में 10% आरक्षण, समूह D में 20% आरक्षण, आयु में छूट (सेना सेवा के साथ 3 वर्ष) और UPSC/SSC भर्ती में समान प्राथमिकता मिलेगी।