भारत में मेडिकल सीटों में वृद्धि: 5,000 नई PG सीटें जोड़ी जाएंगी
मेडिकल क्षेत्र में नई संभावनाएं
मेडिकल करियर में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए एक सकारात्मक समाचार है। NEET परीक्षा से पहले, जो पोस्टग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए आवश्यक है, केंद्र सरकार ने मेडिकल सीटों में वृद्धि की घोषणा की है। NEET PG परीक्षा 30 अगस्त, 2026 को आयोजित की जाएगी। हाल ही में लोकसभा में बताया गया कि भारत में कुल 86,360 पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही, सरकार ने मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है।
सरकार की नई योजना
सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अगले चार वर्षों में 5,000 अतिरिक्त PG मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना बनाई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में इस विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को अपग्रेड करना है।
इस योजना के तहत, वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच 5,000 नई पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी। सरकार ने प्रति सीट खर्च की सीमा को बढ़ाकर ₹1.50 करोड़ कर दिया है, जिससे मेडिकल शिक्षा में बड़े निवेश की संभावना बढ़ी है।
राज्यों में PG मेडिकल सीटों का वितरण
| राज्य का नाम | कुल सीटें | सरकारी कॉलेजों में सीटें | प्राइवेट कॉलेजों में सीटें |
| कर्नाटक | 10,092 | 2,805 | 7,287 |
| महाराष्ट्र | 9,216 | 4,277 | 4,939 |
| तमिलनाडु | 8,023 | 3,030 | 4,993 |
| उत्तर प्रदेश | 7,437 | 3,568 | 3,869 |
| तेलंगाना | 5,248 | - | - |
| आंध्र प्रदेश | 4,782 | - | - |
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में सबसे अधिक PG मेडिकल सीटें हैं, इसके बाद महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का स्थान है।
NMC के नए नियम
केंद्र सरकार ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने नए नियमों के तहत मेडिकल कॉलेजों को नए PG कोर्स शुरू करने या मौजूदा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक मानकों को पूरा करना होगा। इन मानकों में फैकल्टी की संख्या, इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटल की सुविधाएं शामिल हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि 2014 से PG मेडिकल सीटों में लगातार वृद्धि हो रही है। 2014-15 में NMC ने 415 सीटें मंजूर की थीं, जबकि 2025-26 में यह संख्या 9,084 तक पहुंच गई।
फीस संरचना
सरकार ने बताया कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में फीस तय करने की जिम्मेदारी राज्यों की है, जबकि NBEMS प्रोग्राम की फीस केंद्रीय स्तर पर तय की जाती है। इन प्रोग्राम के लिए सालाना कोर्स फीस ₹1.25 लाख है।