बिहार में प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए नई दिशा-निर्देश जारी
बिहार शिक्षा विभाग के नए दिशा-निर्देश
बिहार के शिक्षा विभाग ने अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2015 को इस मामले में निर्णायक कट-ऑफ तिथि मानी जाएगी।
अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए समय सीमा
जो अप्रशिक्षित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक इस तिथि तक सेवा में थे, उन्हें अनिवार्य प्रशिक्षण योग्यता, विशेष रूप से D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है। इस समय सीमा के बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।
नियुक्तियों की वैधता
इसके विपरीत, 31 मार्च 2015 के बाद बिना निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता के की गई नियुक्तियाँ अमान्य मानी जाएँगी। ऐसे मामलों में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को नियमों के अनुसार उनकी सेवाएँ समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बाद में D.El.Ed डिग्री प्राप्त करने से ऐसी नियुक्तियाँ मान्य नहीं होंगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिशा-निर्देश
यह दिशा-निर्देश 28 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में जारी किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के निदेशक कुमार निशांत विवेक ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। यह निर्देश उन शिक्षकों को एक अवसर प्रदान करता है जो 31 मार्च 2015 को सेवा में थे लेकिन प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर पाए थे।
अप्रशिक्षित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त किए गए प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियाँ नियमों के तहत अमान्य मानी जाएँगी। जिला मजिस्ट्रेट को ऐसे शिक्षकों की सेवाएँ समाप्त करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों की पुनर्स्थापना के निर्देश
इन निर्णयों से 31 मार्च 2015 से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत मिली है। कुछ ऐसे अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवाएँ पहले पटना उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में समाप्त कर दी गई थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, इन शिक्षकों को पुनर्स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मामले का सारांश
यह विवाद उन प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की प्रशिक्षण योग्यता से संबंधित है, जो D.El.Ed योग्यता के बिना सेवा में आए थे। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 31 मार्च 2015 तक नियुक्त और सेवा में रहे अप्रशिक्षित शिक्षकों को D.El.Ed पाठ्यक्रम पूरा करने का अंतिम अवसर दिया गया है।