बिहार में खाद्य विश्लेषक पदों के लिए BTSC भर्ती 2026
BTSC खाद्य विश्लेषक भर्ती 2026
भर्ती विवरण: बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC), पटना ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बिहार खाद्य संरक्षण सेवा में खाद्य विश्लेषक के पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में कुल 11 रिक्तियां हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 19 जून 2026 तक जारी रहेगी।
इस भर्ती में सामान्य श्रेणी के लिए 10 पद निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 2 पद अनारक्षित (UR), 1 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 3 अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) और 2 अनुसूचित जाति (SC) के लिए हैं। इसके अलावा, 1 पद PwBD (बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्तियों) के लिए आरक्षित है, जो अनुसूचित जाति कोटा के अंतर्गत आता है। इस प्रकार, सभी श्रेणियों में मिलाकर कुल 11 पद भरे जाएंगे।
आवेदन के लिए आवश्यक योग्यताएँ:
उम्मीदवारों के पास रसायन विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, कृषि, पशु चिकित्सा विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी या संबंधित विषय में स्नातक, स्नातकोत्तर या पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को खाद्य विश्लेषण में न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए और उन्हें FSSAI द्वारा आयोजित खाद्य विश्लेषक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
न्यूनतम आयु सीमा: 21 वर्ष
इस भर्ती के लिए अनारक्षित पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष और अनारक्षित महिला उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
बीसी (पीछड़े वर्ग) और ईबीसी श्रेणी के पुरुष और महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है, जबकि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए यह सीमा 42 वर्ष है। सभी उम्मीदवारों के लिए 1 अगस्त 2026 तक न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है।
चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न:
इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होंगे, जिनका कुल अंक 100 होगा। परीक्षा की अवधि 2 घंटे होगी और प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध होगा।
परीक्षा का पाठ्यक्रम खाद्य विश्लेषकों के लिए स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम पर आधारित होगा; यह पाठ्यक्रम संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और BTSC की वेबसाइट पर अलग से जारी किया जाएगा। परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाएंगे। यदि परीक्षा कई शिफ्ट में आयोजित की जाती है, तो अंकों का सामान्यीकरण भी किया जा सकता है।