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प्रिया आर्या: कठिनाइयों से जूझकर मिली सफलता की कहानी

प्रिया आर्या की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जिसमें उन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए सरकारी नौकरी में सफलता हासिल की। कोरोना महामारी के दौरान नौकरी खोने के बाद, उन्होंने खान सर के वीडियो से प्रेरणा लेकर सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में असफलता के बावजूद, उन्होंने मेहनत की और दूसरे प्रयास में 263वीं रैंक हासिल की। अब उनका अगला लक्ष्य UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना है। प्रिया की यात्रा उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलता के बाद खुद को कमजोर समझते हैं।
 

सफलता की प्रेरणादायक यात्रा


कहते हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएं, अगर इंसान हार नहीं मानता, तो एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। बिहार के पटना की प्रिया आर्या की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। प्रिया ने 10वीं में 90% और 12वीं में 80% अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने नॉटिकल साइंस की पढ़ाई की और मर्चेंट नेवी में एक अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाई। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उनकी नौकरी चली गई, जिससे उनकी जिंदगी में कठिनाई आ गई।


डिप्रेशन से उबरने की प्रेरणा

प्रिया ने एक समय डिप्रेशन का सामना किया। नौकरी जाने के बाद उन्हें अपने भविष्य में अंधकार नजर आने लगा। इसी दौरान उनके माता-पिता ने यूट्यूब पर खान सर के वीडियो देखे। इन वीडियो से प्रेरित होकर प्रिया ने सरकारी नौकरी की तैयारी करने का निर्णय लिया। वह मानती हैं कि खान सर ने उन्हें मुश्किल समय से बाहर निकलने में मदद की।


शिक्षा में उत्कृष्टता

प्रिया के पिता सरकारी नौकरी में थे, जिससे उन्हें बचपन में कई बार स्कूल बदलना पड़ा। लेकिन उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा। 2012 में 90% अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास की और 2014 में 80% अंकों के साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद प्रिया उच्च शिक्षा के लिए मुंबई चली गईं और नॉटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया।


कोरोना के कारण नौकरी का नुकसान

मर्चेंट नेवी में नौकरी शुरू करने के कुछ समय बाद ही कोरोना महामारी ने दस्तक दी। लॉकडाउन के कारण प्रिया की नौकरी चली गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गईं। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में बताया कि इस कठिन समय में उनके माता-पिता ने खान सर के वीडियो देखे और उन्हें सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए प्रेरित किया।


पहली असफलता से सीख

सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान प्रिया को पहली बार सफलता नहीं मिली। वह BPSC प्रीलिम्स पास नहीं कर सकीं, लेकिन इस असफलता ने उन्हें अपनी कमियों को समझने का अवसर दिया। उन्होंने सेल्फ स्टडी और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर ध्यान केंद्रित किया।


दूसरे प्रयास में मिली सफलता

प्रिया की मेहनत रंग लाई और उन्होंने BPSC 69वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में 263वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के साथ उनका चयन लेबर एन्फोर्समेंट ऑफिसर के पद पर हुआ। प्रिया ने कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।


अगला लक्ष्य UPSC

प्रिया ने अपनी पढ़ाई को यहीं नहीं रोका। मार्च 2026 में उन्होंने IIM रायपुर से MBA की डिग्री प्राप्त की। अब उनका अगला लक्ष्य UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना है। प्रिया की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो असफलता के बाद खुद को कमजोर समझते हैं।