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दिल्ली विश्वविद्यालयों में रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए नई पहल

दिल्ली के राज्य विश्वविद्यालयों में रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उपराज्यपाल ने नई पहलों की घोषणा की है। बैठक में विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग, छात्रों के कौशल विकास, और शोध को व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की दिशा में ले जाने पर जोर दिया गया। NCC और NSS कैडेटों को नागरिक जिम्मेदारियों में शामिल करने की योजना भी बनाई गई है। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
 

नई दिल्ली में विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक


नई दिल्ली में आयोजित एक समीक्षा बैठक में दिल्ली के राज्य विश्वविद्यालयों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने विश्वविद्यालयों को विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने का निर्देश दिया। इस बैठक में AI, साइबर सुरक्षा और अन्य नई तकनीकों में अवसरों को विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की पहचान केवल डिग्री से नहीं, बल्कि उनके रोजगार योग्य कौशल से होनी चाहिए। प्लेसमेंट और विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई।


विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना

विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को तेजी से बदलते तकनीकी और रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करना है। हालांकि, किन विदेशी संस्थानों के साथ समझौते होंगे और कौन से नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, इस पर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बैठक में हर स्नातक बैच के बेहतर प्लेसमेंट परिणाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।


दिल्ली की समस्याओं पर शोध और स्टार्टअप को बढ़ावा

उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के शोध को दिल्ली से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका उद्देश्य यह है कि शोध केवल सैद्धांतिक स्तर पर न रहे, बल्कि इसका व्यावहारिक उपयोग भी हो। इसके साथ ही, छात्रों को स्टार्टअप को बढ़ावा देने और कैंपस में उद्यमिता का माहौल तैयार करने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। NAAC और NIRF प्रदर्शन में गिरावट वाले संस्थानों को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया।


NCC-NSS कैडेटों की नागरिक जिम्मेदारियों का निर्वहन

विश्वविद्यालयों के NCC और NSS कैडेट दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर व्यस्त समय में कैंपस के आसपास यातायात को संभालने में मदद कर सकते हैं। आपदा या आपात स्थिति में, वे दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ भी सहयोग कर सकते हैं। उपराज्यपाल ने ऐसे कैडेटों को उचित सम्मान देने की बात कही, जिससे छात्रों की सामाजिक भागीदारी बढ़ सके।


शिकायत निवारण और भर्ती प्रक्रिया में सुधार

उपराज्यपाल ने कुलपतियों को छात्रों के लिए आसानी से उपलब्ध रहने और परिसर में बेहतर मार्गदर्शन व शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालयों को शिक्षण, गैर शिक्षण, तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए भी कहा गया। छात्रों और शिक्षकों के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर भी जोर दिया गया। यह बैठक 12 मई की पिछली समीक्षा में दिए गए निर्देशों की प्रगति जानने के लिए आयोजित की गई थी।