दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में विदेशी भाषाओं के ऑनलाइन पाठ्यक्रम
दिल्ली विश्वविद्यालय का नया कदम
दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से, छात्र आठ विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन मोड में भी कर सकेंगे। यह पहल छात्रों को अपने घरों से ही एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम करने की सुविधा प्रदान करेगी। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद ने इन पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन संचालित करने की स्वीकृति दे दी है।
छात्रों की मांग पर ऑनलाइन पाठ्यक्रम
SOL की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि ऑनलाइन विदेशी भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय छात्रों की लंबे समय से चल रही मांग के जवाब में लिया गया है। पहले ये सभी पाठ्यक्रम केवल ऑफलाइन मोड में ही संचालित होते थे, जिससे कई छात्र इन अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते थे। पिछले वर्ष SOL ने इन पाठ्यक्रमों को ऑफलाइन मोड में पेश किया था। इन पाठ्यक्रमों की वार्षिक फीस ₹11,000 से ₹14,000 के बीच है।
ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा
प्रो. मागो ने कहा कि यह सुविधा उन छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद होगी जो दिल्ली आकर पढ़ाई नहीं कर सकते। इस पहल के माध्यम से, दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों और विदेशों से भी छात्र इन पाठ्यक्रमों में आसानी से नामांकन कर सकेंगे। इन विदेशी भाषाओं में फ्रेंच, स्पेनिश, जर्मन, पुर्तगाली और इटालियन शामिल हैं, जिन्हें जर्मेनिक और रोमांस अध्ययन विभाग के तहत संचालित किया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भाषा सीखने का अवसर
पूर्वी एशियाई अध्ययन विभाग में चीनी, कोरियाई और जापानी भाषाओं के पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि छात्र अपने घर से ही भाषा सीख सकें। कक्षाएं एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाएंगी, जो छात्रों को लचीले समय और सुविधा प्रदान करेगी। इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे छात्र वीडियो व्याख्यान देख सकेंगे और असाइनमेंट जमा कर सकेंगे। इसके अलावा, आमने-सामने बातचीत के सत्र भी होंगे, जिनका कार्यक्रम पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा।
भविष्य के लिए एक नई दिशा
उन्होंने आगे कहा कि आज के वैश्वीकरण के युग में विदेशी भाषाओं में दक्षता नए रोजगार के अवसर खोलती है। विभिन्न क्षेत्रों में, जैसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों, पर्यटन, अनुवाद सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में इन भाषाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इस संदर्भ में, SOL द्वारा उठाया गया यह कदम छात्रों के भविष्य को बेहतर दिशा में ले जाने में सहायक हो सकता है।