दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक: शिक्षा निदेशालय का नया आदेश
नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी
शिक्षा के नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से होने जा रही है, जिसके चलते देशभर के माता-पिता अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। बच्चे के लिए स्टेशनरी खरीदने में लगे माता-पिता की खर्चों में वृद्धि हो रही है। इसी बीच, कई निजी स्कूलों ने नए सत्र के लिए अपनी फीस बढ़ाने की योजना बनाई है। हालांकि, दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों के लिए एक सलाह जारी की है, जिसमें कहा गया है कि फिलहाल फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शिक्षा निदेशालय का निर्देश
दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी मौजूदा फीस संरचना को बनाए रखें और किसी भी प्रकार की वृद्धि न करें। यह सलाह 28 फरवरी 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के संदर्भ में दी गई है। इस सलाह के अनुसार, दिल्ली में कोई भी निजी स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकेगा।
फीस निर्धारण समिति का गठन प्रतिबंधित
दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में फीस के संबंध में एक विशेष कानून बनाया है, जिसमें स्कूल स्तर पर एक स्कूल स्तर फीस नियामक समिति (SLFRC) का गठन अनिवार्य है। हालांकि, शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नए निर्देश में इस समिति के गठन पर रोक लगा दी गई है। 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के दौरान, SLFRC के माध्यम से फीस निर्धारण या वृद्धि के किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
उच्च न्यायालय की अवमानना का मामला
यदि कोई स्कूल फीस बढ़ाता है या SLFRC का गठन करता है और फीस वृद्धि के लिए मंजूरी मांगता है, तो उसे उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना का दोषी माना जाएगा। इस मामले में स्कूल प्रशासन व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।