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झारखंड में नीट परीक्षा के दौरान छात्रों को प्रश्न पत्र नहीं मिला

झारखंड के पलामू जिले में नीट यूजी परीक्षा के दौरान एक गंभीर घटना हुई, जहां 48 छात्रों को प्रश्न पत्र नहीं मिला। छात्रों को लगभग पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद उनकी परीक्षा शुरू हुई। इस लापरवाही के कारण छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना नीट परीक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठाती है।
 

पलामू में नीट परीक्षा की गंभीर घटना


झारखंड के पलामू जिले में नीट यूजी परीक्षा के दौरान एक गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। यहां हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले 48 छात्रों को प्रश्न पत्र नहीं दिया गया, जिसके कारण उन्हें लगभग पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। परीक्षा रविवार, 3 मई को दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली थी, लेकिन योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय के कक्षा 11 में बैठे छात्रों को पेपर नहीं मिला। इस परीक्षा केंद्र पर कुल 360 छात्र उपस्थित थे।


नीट परीक्षा में लापरवाही का मामला

एक घंटे के इंतजार के बाद जब स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो छात्रों का धैर्य टूट गया और वे कक्षा से बाहर आकर हंगामा करने लगे। बाहर खड़े अभिभावकों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट को बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया।


प्रश्न पत्र की देरी का कारण

अंततः शाम 6:55 बजे, निर्धारित समय से लगभग पांच घंटे बाद, इन 48 छात्रों की परीक्षा शुरू की गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। एक छात्र ने कहा, 'हम पांच घंटे तक बिना कुछ खाए-पिए बैठे रहे। इतनी देरी के बाद हम थक चुके थे।'


जांच के आदेश

इस घटना की आधिकारिक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, हिंदी माध्यम के प्रश्न पत्रों के पहुंचने में देरी हुई। परीक्षा केंद्र पर इस गड़बड़ी की खबर फैलते ही छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया। कई अभिभावकों ने चिंता जताई कि इस लापरवाही के कारण उनके बच्चों की मेहनत प्रभावित हो सकती है।


जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस प्रकार की लापरवाही चिंताजनक है। छात्र लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं और एक दिन की गलती उनके करियर पर गहरा असर डाल सकती है। इस घटना ने नीट परीक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, और कई लोग सोशल मीडिया पर इसकी निंदा कर रहे हैं।