उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए पुरस्कार आवेदन प्रक्रिया शुरू
शिक्षकों के योगदान को मान्यता देने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित करने की तैयारी चल रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 'राज्य शिक्षक पुरस्कार' और 'मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार' के लिए आवेदन तिथियों की घोषणा की है। इच्छुक शिक्षक 10 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, और यह प्रक्रिया 30 नवंबर तक खुली रहेगी। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, संस्कृत और अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और प्रधानाचार्य इन पुरस्कारों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं.
आवेदन प्रक्रिया और चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया में कई मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें शिक्षकों का प्रदर्शन, छात्र उपस्थिति और परीक्षा परिणाम शामिल हैं। चयन प्रक्रिया जनवरी 2027 तक पूरी होने की योजना है.
आवेदन की समय सीमा
आवेदन 10 से 30 नवंबर तक
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, राज्य शिक्षक पुरस्कार और मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 नवंबर से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। इच्छुक उम्मीदवारों को माध्यमिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in के माध्यम से आवेदन करना होगा। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक, प्रताप सिंह बघेल ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
किसे मिलेगा पुरस्कार?
राज्य और मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्रता
इन पुरस्कारों के लिए चयन संस्थान की श्रेणी के आधार पर किया जाएगा। सरकारी माध्यमिक विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों और संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र हैं। वहीं, अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक मुख्यमंत्री शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं.
चयन प्रक्रिया का समय
चयन प्रक्रिया की समाप्ति तिथि
एक बार आवेदन प्राप्त होने के बाद, उन्हें पहले जिला स्तर की समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी। यह चरण 1 से 15 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें आवेदन की जांच की जाएगी और विद्यालयों का स्थल सत्यापन किया जाएगा। योग्य उम्मीदवारों के प्रस्ताव फिर एक विभागीय स्तर की समिति को भेजे जाएंगे।
मूल्यांकन के आधार
मूल्यांकन के मानदंड
शिक्षकों का चयन 2022 में स्थापित मानदंडों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें कुल 120 अंक निर्धारित किए गए हैं। मूल्यांकन में शिक्षक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, छात्र उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, विद्यालय में छात्र नामांकन में वृद्धि और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग प्राथमिकता दी जाएगी.