उत्तर प्रदेश में UPSSSC PET 2026 परीक्षा का सफल आयोजन
परीक्षा का आयोजन
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 का आयोजन प्रदेश के 60 जिलों में किया। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। आयोग के अनुसार, कुल 35.41 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 24.36 लाख ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा के दौरान नकल और फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
तकनीकी और निगरानी व्यवस्था
परीक्षा के आयोजन में तकनीक और निगरानी व्यवस्था का उपयोग किया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी गई, जबकि बायोमेट्रिक सत्यापन और प्रवेश से पहले जांच की व्यवस्था भी लागू की गई।
परीक्षा केंद्रों की संख्या
1,372 परीक्षा केंद्रों पर हुआ आयोजन
PET 2026 के लिए उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में कुल 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर लाखों अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई। परीक्षा के दौरान प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं पर नजर रखी।
AI और CCTV से निगरानी
AI और CCTV से हुई निगरानी
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी 1,372 केंद्रों के परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की लाइव फीड राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से मॉनिटर की गई। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया गया।
बायोमेट्रिक सत्यापन
बायोमेट्रिक सत्यापन और सख्त जांच
फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोकने के लिए उम्मीदवारों का थंब इम्प्रेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया था। केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच की गई, ताकि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या किसी अन्य प्रतिबंधित सामग्री को अंदर लाने से रोका जा सके।
पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
नकल रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
परीक्षा के आयोजन को लेकर सरकार की ओर से नकल और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की सफलता
प्रशासन की ओर से परीक्षा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, परीक्षा की सफलता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अंतिम निष्कर्ष के लिए आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट और संबंधित आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे।