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उत्तर प्रदेश में TGT और PGT भर्ती प्रक्रिया में बदलाव

उत्तर प्रदेश सरकार ने TGT और PGT पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत, जीव विज्ञान को TGT भर्ती में फिर से शामिल किया गया है, और कुछ PGT पदों के लिए विशेष विषय में स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य कर दी गई है। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जानें इन परिवर्तनों के बारे में अधिक जानकारी और क्या हैं नए दिशा-निर्देश।
 

भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन



उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत, कुछ विषयों के लिए योग्यता आवश्यकताओं में संशोधन किया गया है और परीक्षा का पाठ्यक्रम भी बदला गया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि जीव विज्ञान को TGT भर्ती के लिए फिर से शामिल किया गया है। इसके अलावा, कुछ PGT पदों के लिए विशेष विषय में स्नातकोत्तर डिग्री अब अनिवार्य कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इन परिवर्तनों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है।


TGT भर्ती में जीव विज्ञान की पुनः स्थापना

उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT भर्ती के लिए नए नियम लागू किए हैं। विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जीव विज्ञान को TGT भर्ती के लिए फिर से शामिल किया गया है। यह प्रावधान राज्य के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगा। इस कदम से जीव विज्ञान में पृष्ठभूमि रखने वाले उम्मीदवारों को फिर से आवेदन करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।


PGT के लिए विषय-विशिष्ट स्नातकोत्तर योग्यता अनिवार्य

नए नियमों के तहत, कुछ PGT पदों के लिए पात्रता मानदंड को स्पष्ट और सख्त किया गया है। PGT भूगोल पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अब भूगोल में विशेष स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। इसी तरह, नागरिक शास्त्र के व्याख्याता पद के लिए केवल उन उम्मीदवारों को आवेदन करने की अनुमति होगी जिनके पास राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री है। अन्य विषयों के लिए मौजूदा योग्यता नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


नया पाठ्यक्रम और संशोधित नियम लागू

संशोधित नियमों को राज्यपाल की स्वीकृति के बाद औपचारिक रूप से लागू किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों, जैसे कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को नए निर्देश जारी किए गए हैं। उच्च विद्यालय स्तर पर विज्ञान और जीव विज्ञान शिक्षकों के लिए अलग श्रेणियाँ और विशिष्ट पात्रता मानदंड स्थापित किए गए हैं। ये नए दिशा-निर्देश पूर्व में जारी आदेशों को प्रतिस्थापित करेंगे। सरकार का दावा है कि ये परिवर्तन भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाएंगे, योग्य विषय विशेषज्ञों के चयन को सुगम बनाएंगे, और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे।