×

उत्तर प्रदेश के सर्वोदया स्कूलों में कौशल प्रशिक्षण का नया कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के सर्वोदया स्कूलों में शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत, छात्रों को 300 घंटे का मुफ्त कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेगा। यह प्रशिक्षण 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत यूपी कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित किया जाएगा। जानें इस पहल के बारे में और कैसे यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा।
 

सर्वोदया स्कूलों में शिक्षा में बदलाव


उत्तर प्रदेश के सर्वोदया स्कूलों में शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इस नई योजना के तहत, छात्रों को उनकी शैक्षणिक पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार उन्मुख शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस पहल के अंतर्गत, छात्रों को उनके नियमित पाठ्यक्रम के अलावा कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वोदया स्कूल के छात्रों को 300 घंटे का मुफ्त प्रशिक्षण प्राप्त होगा। यह कौशल प्रशिक्षण 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित किया जाएगा.


यूपी कौशल विकास मिशन की पहल

यूपी कौशल विकास मिशन द्वारा सर्वोदया स्कूल के छात्रों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने की तैयारी चल रही है। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत, मिशन रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण को नियमित स्कूल शिक्षा के साथ जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को स्कूल स्तर से ही कौशल से लैस करना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार, आत्म-रोजगार और बेहतर करियर के लिए तैयार हो सकें.


31 प्रशिक्षण एजेंसियों को जिम्मेदारी

सर्वोदया स्कूल के छात्रों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 31 प्रशिक्षण एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये एजेंसियां 30 सितंबर से स्कूलों में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेंगी। प्रशिक्षण की शुरुआत के सात दिनों के भीतर छात्रों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध करानी होगी। यह प्रशिक्षण आईटी-आईटीईएस, प्रबंधन और अन्य रोजगार उन्मुख क्षेत्रों को कवर करेगा। स्कूल के वातावरण में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें भविष्य के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित करने में मदद मिलेगी.


300 घंटे का कौशल प्रशिक्षण

सर्वोदया स्कूल के छात्रों को 300 घंटे का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए स्कूलों में अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे। यह प्रशिक्षण छात्रों की नियमित शैक्षणिक पढ़ाई में बाधा डाले बिना किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार एजेंसियों को समर्पित प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता होगी। बैच बनाने के लिए संबंधित जिले के जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DPMU) से अनुमति प्राप्त करनी होगी. केवल मान्यता प्राप्त और वैध नौकरी भूमिकाओं के लिए ही प्रशिक्षण किया जा सकेगा.