IP विश्वविद्यालय ने शुरू किए नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम, स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के अवसर
नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, जिसे IP विश्वविद्यालय के नाम से भी जाना जाता है, ने स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए सात नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। देश में कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए, ये पाठ्यक्रम छात्रों को नए विकल्प प्रदान करेंगे और उनके भविष्य के लिए नए रास्ते खोलेंगे। विश्वविद्यालय ने इन सभी पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन पत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं। इच्छुक उम्मीदवार यहां जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि
इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है। IP विश्वविद्यालय द्वारा पेश किए गए ये पैरामेडिकल पाठ्यक्रम छात्रों को स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाओं के लिए तैयार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिनकी अस्पतालों, क्लीनिकों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उच्च मांग है।
पाठ्यक्रमों की सूची
**पाठ्यक्रमों की सूची:**
1. B.Sc. क्लिनिकल साइकोलॉजी (ऑनर्स)
2. बैचलर ऑफ साइंस इन इमरजेंसी मेडिकल एंड ट्रॉमा टेक्नोलॉजी (B.Sc. EMTT)
3. एपिडेमिक इंटेलिजेंस सर्विस (EIS) / मास्टर इन एप्लाइड एपिडेमियोलॉजी
4. M.A. क्लिनिकल साइकोलॉजी
5. पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी (PGDRP)
6. M.Sc. स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी (M.Sc. SLP)
7. बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री
आवेदन शुल्क
**आवेदन शुल्क क्या है?**
IP विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्रों को अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए पहले आवेदन जमा करना होगा, जिसके लिए शुल्क ₹2,500 निर्धारित किया गया है। हालांकि, यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक अतिरिक्त आवेदन के लिए अलग से आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा।
स्वास्थ्य पेशेवरों की बढ़ती मांग
**स्वास्थ्य पेशेवरों की बढ़ती मांग**
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि, बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के कारण, आपातकालीन ट्रॉमा देखभाल, व्यवहारिक स्वास्थ्य देखभाल, स्पीच थेरेपी, रिहैबिलिटेशन साइंसेस और एपिडेमियोलॉजी जैसे क्षेत्रों की आवश्यकता बढ़ रही है। इस संदर्भ में, छात्रों को आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों और ट्रॉमा प्रतिक्रिया में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है, जैसे कि इमरजेंसी मेडिकल और ट्रॉमा टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम। इसी तरह, क्लिनिकल साइकोलॉजी और रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी के पाठ्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और व्यवहारिक स्वास्थ्य देखभाल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।