CBSE ने शिक्षकों को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से रोका
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के शिक्षकों को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से सख्त मना किया है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया गोपनीय होती है और इस पर सख्त नियम लागू होते हैं। जानें इस निर्णय के पीछे का कारण और इसके संभावित प्रभाव।
Mar 17, 2026, 18:32 IST
CBSE का सख्त निर्देश
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की जानकारी साझा न करें। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी का खतरा
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड को जानकारी मिली है कि 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के मूल्यांकन में शामिल कुछ लोग सोशल मीडिया पर टिप्पणियाँ कर रहे हैं, राय साझा कर रहे हैं और अपने अनुभव बता रहे हैं। इनमें से कई पोस्ट भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं, जो संबंधित पक्षों के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं और अफवाहें फैला सकते हैं।
गोपनीयता का महत्व
मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल कई लोगों के पोस्ट के बाद फैसला लिया गया
शीर्ष अधिकारी ने बताया कि परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया गोपनीय होती है और इस पर सख्त नियम लागू होते हैं। सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर मूल्यांकन से संबंधित किसी भी भ्रामक जानकारी, अनुभव या राय को साझा करना पूरी तरह से निषिद्ध है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने या तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास पेशेवर आचारण का उल्लंघन माना जाएगा। इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।