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CBSE की नई गाइडलाइंस: फर्जी विश्वविद्यालयों से बचने के लिए छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। ये दिशा-निर्देश यूजीसी द्वारा जारी पत्र पर आधारित हैं, जिसमें फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची हर साल प्रकाशित की जाती है। CBSE ने छात्रों को सलाह दी है कि वे मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही दाखिला लें और इसके लिए यूजीसी की वेबसाइट पर जानकारी की जांच करें। इस प्रक्रिया में सतर्कता बरतना आवश्यक है, खासकर 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए।
 

CBSE की चेतावनी


CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने फर्जी विश्वविद्यालयों के कारण छात्रों को होने वाले शैक्षणिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए सभी संबद्ध स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी एक पत्र पर आधारित हैं।


फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची

यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि वह हर साल अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फर्जी विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) की सूची प्रकाशित करता है। इसलिए, छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहना आवश्यक है।


2026-27 के प्रवेश प्रक्रिया के लिए सतर्कता

प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत
बोर्ड ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस समय, छात्रों और अभिभावकों के बीच जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। CBSE ने कहा कि यदि छात्रों को समय पर सही जानकारी नहीं मिलती है, तो वे फर्जी विश्वविद्यालयों का शिकार बन सकते हैं, जिससे उनके समय, धन और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


स्कूलों के लिए निर्देश

CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे कक्षा 10 और 12 के छात्रों और उनके अभिभावकों को फर्जी विश्वविद्यालयों के खतरों के बारे में सूचित करें। छात्रों को सलाह दी जानी चाहिए कि वे किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय की मान्यता की जांच करें, जो यूजीसी की वेबसाइट के "HEIs" सेक्शन में उपलब्ध है (www.ugc.ac.in)। यह जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड, वेबसाइट और अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTMs) में साझा की जानी चाहिए, ताकि छात्र केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों में दाखिला लें।