CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए डिजिटल उत्तर पत्रिका जांच प्रणाली की शुरुआत
डिजिटल उत्तर पत्रिका जांच प्रणाली का परिचय
सीबीएसई ने 2026 से 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए उत्तर पत्रिकाओं की पूरी तरह से डिजिटल जांच करने का निर्णय लिया है। पहले, शिक्षक कागजी प्रतियों की मैन्युअल जांच करते थे, लेकिन अब वे स्कैन की गई प्रतियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखेंगे। इससे प्रतियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। शिक्षक अपने स्कूलों से लॉगिन आईडी का उपयोग करके इन्हें मूल्यांकित कर सकेंगे। आइए जानते हैं छात्रों को पहले ही दिए गए निर्देशों के बारे में।
नए प्रणाली के लाभ
पहले उत्तर पत्रिकाओं की जांच में लगभग 60 दिन लगते थे, लेकिन नई प्रणाली के तहत यह समय कम होने की उम्मीद है। बोर्ड का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी परिवर्तन नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को सुधारने की दिशा में एक कदम है।
ऑनलाइन स्क्रीनिंग के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
स्पष्ट लेखन का महत्व
दिल्ली के ब्रह्मपुरी स्थित सरकारी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की पीजीटी शिक्षक मृदु गुप्ता ने बताया कि छात्रों को पहले ही स्पष्टता से लिखने के लिए कहा गया है। उत्तर पत्रिकाओं पर गहरे पेन का उपयोग करें और चित्र बनाते समय गहरे पेंसिल का प्रयोग करें। अत्यधिक काटने से बचें। चूंकि उत्तर पत्रिकाएं स्कैन की जाएंगी और स्क्रीन पर प्रदर्शित की जाएंगी, इसलिए अस्पष्ट हस्तलेख या अत्यधिक मिटाने से उत्तर पढ़ने में कठिनाई हो सकती है। अस्पष्ट लेखन से अंक प्रभावित हो सकते हैं।
गणना में त्रुटियों का समाधान
गणना में त्रुटियों का समाप्त होना
नई डिजिटल प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अंक जोड़ने में कोई त्रुटि नहीं होगी। सॉफ़्टवेयर सभी प्रश्नों के लिए अंक अपने आप जोड़ देगा, जिससे गलत कुल का कोई अवसर नहीं रहेगा। पहले, मानव त्रुटियों के कारण अक्सर जोड़ने में गलतियाँ होती थीं, जिससे छात्रों को असुविधा होती थी।
परिणामों की तेजी और सटीकता
परिणाम तेजी से और अधिक सटीक होंगे
डिजिटल जांच हर उत्तर के लिए अंकन को अनिवार्य बनाएगी। इससे कोई प्रश्न छूटने की संभावना नहीं रहेगी, जिससे परिणाम अधिक सटीक होंगे। डेटा प्रविष्टि का कार्य भी कम होगा, जिससे परिणाम पहले से अधिक तेजी से घोषित किए जा सकेंगे।