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AI का उपयोग: बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में डिजिटल मूल्यांकन की शुरुआत

सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं परीक्षा के लिए AI आधारित डिजिटल मूल्यांकन की शुरुआत की है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। इस नई प्रणाली की सटीकता 95% है, जो शिक्षकों के मूल्यांकन की तुलना में अधिक है। IITs और NITs जैसे संस्थान इसे छोटे समूहों में परीक्षण कर रहे हैं, जबकि NTA ने राष्ट्रीय परीक्षाओं में इसे लागू किया है। AI तकनीक अब गंदे हस्तलेखन को भी समझ सकती है, जिससे छात्रों को बेहतर अंक मिलने की संभावना बढ़ गई है। इस विषय पर देशभर में बहस चल रही है, जिसमें कुछ इसे शिक्षकों के लिए खतरा मानते हैं।
 

डिजिटल मूल्यांकन का नया युग


अब, बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के उत्तर पत्रों का मूल्यांकन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा किया जाएगा। डिजिटल मूल्यांकन की सटीकता 95% है, जबकि शिक्षक मूल्यांकन की सटीकता 92% है, जिससे AI मूल्यांकन में त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो जाती है। इस वर्ष की 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए सीबीएसई बोर्ड ने डिजिटल मूल्यांकन की घोषणा की है।


शिक्षण संस्थानों में परीक्षण

कई शैक्षणिक संस्थान, जैसे IIT और NIT, इसे छोटे समूहों में परीक्षण कर रहे हैं। IIIT बेंगलुरु ने पहले ही इसे लागू कर दिया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) भी JEE मेन, NEET, CUET और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए डिजिटल मूल्यांकन कर रही है। इसका उद्देश्य त्रुटियों का पता लगाना और सही उत्तरों के लिए अंक प्रदान करना है।


AI का शिक्षा में प्रभाव

हाल ही में दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट ने शिक्षा में AI के परिवर्तन को प्रदर्शित किया। स्कूल और उच्च शिक्षा में मानव हस्तक्षेप के बिना डिजिटल मूल्यांकन लागू करने की तैयारी चल रही है। सीबीएसई बोर्ड के बाद, डिजिटल मूल्यांकन पर देशभर में बहस छिड़ गई है। कुछ इसे शिक्षकों की नौकरियों के लिए खतरा मानते हैं, जबकि अन्य इसकी प्रशंसा कर रहे हैं।


हस्तलेखन की समझ

AI यहां तक कि गंदे हस्तलेखन को भी समझ सकता है। कोडसेंट्रा के प्रमुख टोमेश जैन ने बताया कि उन्होंने एक डिजिटल मूल्यांकन तकनीक विकसित की है जो छात्रों के लिए सबसे अधिक लाभकारी होगी। पहले, स्पष्ट और अच्छे हस्तलेखन वाले छात्रों को बिना किसी समस्या के अच्छे अंक मिलते थे। हालांकि, शिक्षकों को अक्सर छात्रों के उत्तर समझने में कठिनाई होती थी, जिससे अंक कट जाते थे।


शिक्षक व्यवहार का प्रभाव

एक रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक का व्यवहार भी मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ शिक्षक खराब हस्तलेखन और कमजोर उत्तरों पर भी अच्छे अंक देते हैं, जबकि अन्य खराब हस्तलेखन और असामर्थ्यपूर्ण उत्तरों के लिए अंक काटते हैं। अब, AI मूल्यांकन के साथ, हस्तलेखन और शिक्षक का व्यवहार महत्वपूर्ण नहीं होगा, क्योंकि AI खराब हस्तलेखन और उत्तरों को समझकर भी अंक देगा।


दो-तरफा मूल्यांकन

दो-तरफा मूल्यांकन: इसमें पहले डिजिटल मूल्यांकन होता है, उसके बाद शिक्षकों द्वारा सत्यापन किया जाता है। शिक्षक के सत्यापन के बाद, AI द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। यदि शिक्षक अंक काटते हैं, तो AI त्रुटि को उजागर कर सकता है और सवाल कर सकता है कि क्या अंक गलत तरीके से काटे गए थे। यह मूल्यांकन ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं और ऑफलाइन, यानी कागज पर लिखे गए उत्तर पत्रों के लिए संभव है।