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2026 में भारतीय पेशेवरों के लिए करियर की चुनौतियाँ और अवसर

2026 में भारतीय पेशेवरों के लिए करियर की चुनौतियाँ और अवसरों पर एक हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि 84% पेशेवर खुद को नई नौकरी के लिए तैयार नहीं मानते। एआई और तेजी से बदलते कौशल की मांग के कारण नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। जानें कि कैसे ये बदलाव पेशेवरों को प्रभावित कर रहे हैं और भविष्य में सफल होने के लिए क्या आवश्यक है।
 

करियर में बदलाव की दिशा



भारत में करियर की प्रवृत्तियाँ तेजी से बदल रही हैं, खासकर 2026 के नजदीक आते ही। एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, कई भारतीय पेशेवर नई नौकरियों की तलाश में हैं, लेकिन 84% का मानना है कि वे पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, एआई-आधारित भर्ती प्रक्रियाएँ, और कौशल की तेजी से बदलती मांगें इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। सर्वेक्षण से पता चलता है कि केवल वे पेशेवर जो निरंतर सीखने, अपने कौशल को अपडेट करने और तकनीक के साथ तालमेल रखने के लिए तैयार हैं, भविष्य में सफल होंगे।


84% पेशेवरों की तैयारी की कमी

सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 84% भारतीय पेशेवरों का मानना है कि वे नई नौकरी पाने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं हैं। इसके पीछे के मुख्य कारणों में एआई का बढ़ता उपयोग, कौशल की तेजी से बदलती मांग, और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी नौकरी बाजार शामिल हैं। पेशेवरों को तकनीकी प्रगति की गति के पीछे छूटने का डर है। आजकल, कंपनियाँ केवल डिग्री या अनुभव की बजाय अद्यतन कौशल, डेटा साक्षरता, और तकनीक के साथ काम करने की क्षमता को अधिक महत्व दे रही हैं।


आवेदकों की संख्या में वृद्धि

LinkedIn के आंकड़ों के अनुसार, भारत में किसी भी नौकरी के लिए आवेदकों की संख्या 2022 की शुरुआत से दोगुनी हो गई है। इसका मतलब है कि अब हर नौकरी के लिए पहले से कहीं अधिक उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह बढ़ती प्रतिस्पर्धा नौकरी बाजार को अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बना रही है। इसलिए, कई पेशेवर नौकरी बदलने में हिचकिचा रहे हैं, भले ही वे ऐसा करना चाहते हों।


प्रतिभा की खोज में चुनौतियाँ

यह बदलाव केवल नौकरी चाहने वालों तक सीमित नहीं है। लगभग 74% उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि पिछले वर्ष में योग्य प्रतिभा खोजना और भी कठिन हो गया है। कंपनियाँ ऐसे पेशेवरों की तलाश कर रही हैं जो तकनीक, नवाचार, और व्यावसायिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन बना सकें।


भर्ती प्रक्रिया में एआई का प्रभाव

LinkedIn इंडिया की सीनियर मैनेजिंग एडिटर और करियर विशेषज्ञ, निरजिता बनर्जी के अनुसार, एआई अब भारतीय नौकरी बाजार में केवल एक उपकरण नहीं रह गया है, बल्कि यह करियर निर्माण और प्रतिभा मूल्यांकन की नींव बन गया है।


सर्वेक्षण की पृष्ठभूमि

यह अध्ययन 'कंज्यूमर एंड ग्लोबल ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल स्टडी' के तहत 'Censuswide' द्वारा नवंबर 2025 में किया गया था। इसमें 19,113 पूर्णकालिक, अंशकालिक, या बेरोजगार प्रतिभागियों को शामिल किया गया था।


LinkedIn सर्वेक्षण के निष्कर्ष

LinkedIn का यह सर्वेक्षण स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि भारत का नौकरी बाजार 2026 में एक बड़े परिवर्तन से गुजरने वाला है। जबकि कई पेशेवर एक नई शुरुआत करना चाहते हैं, तैयारी की कमी, कौशल की खाई, और एआई-आधारित प्रणालियाँ उन्हें भ्रमित कर रही हैं।