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सुप्रीम कोर्ट का फैसला: कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा की अनिवार्यता स्थगित

सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा की अनिवार्यता को फिलहाल लागू नहीं करने का आदेश दिया है। यह निर्णय छात्रों को तैयारी के लिए समय देने के उद्देश्य से लिया गया है। नए नियम के अनुसार, कक्षा 6 में दो भारतीय भाषाओं और एक विदेशी भाषा का अध्ययन करना होगा। इसके साथ ही, R3 का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा और इसकी कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के सभी पहलुओं के बारे में।
 

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय


कक्षा 6 के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने तीसरी भाषा की अनिवार्यता को फिलहाल लागू नहीं करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कक्षा 6 के छात्रों को वही छूट मिलेगी जो वर्तमान में कक्षा 7 के छात्रों को दी गई है।
इस निर्णय के बाद, कक्षा 6 के छात्रों के मूल्यांकन की प्रक्रिया भी स्पष्ट हो गई है। R3 यानी तीसरी भाषा का मूल्यांकन अब स्कूल स्तर पर किया जाएगा, और इसके लिए CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।


नए नियम की तारीख

1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की नई भाषा नीति को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में लागू करने के बजाय 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का निर्देश दिया है। इसका मतलब है कि नया थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रभावी होगा।
सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि लगभग 99 प्रतिशत स्कूलों में तीसरी भाषा पढ़ाने की व्यवस्था हो चुकी है। फिर भी, कोर्ट ने छात्रों को तैयारी के लिए समय देने के उद्देश्य से इसे वर्तमान सत्र में लागू करने से रोक दिया।


भाषाओं का चयन

दो भारतीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषा का विकल्प
नई व्यवस्था के अनुसार, अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा 6 में जाने वाले छात्रों को दो भारतीय भाषाओं और एक विदेशी भाषा का अध्ययन करना होगा। इसमें अंग्रेजी को विदेशी भाषा के रूप में शामिल किया गया है।
कक्षा 7 और 8 के छात्रों के लिए पहले से दी गई छूट की व्यवस्था अब कक्षा 6 पर भी लागू होगी। यदि कोई छात्र पहले से दो गैर-भारतीय भाषाएं, जैसे अंग्रेजी और फ्रेंच, पढ़ रहा है, तो वह उन्हें जारी रखते हुए एक भारतीय भाषा को तीसरी भाषा यानी R3 के रूप में चुन सकता है।


R3 का मूल्यांकन

R3 की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी
CBSE ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत कक्षा 7 से 10 तक R3 के लिए कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कक्षा 6 के छात्रों को भी इसी तरह का लाभ मिलेगा।
R3 में असफल होने पर दोबारा मिलेगा मौका
CBSE के हलफनामे के अनुसार, कक्षा 9 में R3 के आंतरिक मूल्यांकन में सफल नहीं होने वाले छात्रों को कक्षा 10 में प्रमोट किया जा सकेगा। ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा 10 के दौरान R3 में दोबारा पास होने का अवसर मिलेगा। हालांकि, कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में सफल होने के लिए स्कूल द्वारा जारी R3 पास सर्टिफिकेट आवश्यक होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को तीसरी भाषा के मूल्यांकन के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करना है।