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राजस्थान में NEET UG 2026 काउंसलिंग: 1,039 MBBS सीटें खाली, स्ट्रे वैकेंसी राउंड की संभावना

राजस्थान में NEET UG 2026 काउंसलिंग के राउंड समाप्त होने के बाद 1,039 MBBS सीटें खाली रह गई हैं। जनरल और प्राइवेट मैनेजमेंट कैटेगरी में सबसे अधिक सीटें खाली हैं। काउंसलिंग बोर्ड का कहना है कि प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार की गई है। अब स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने की संभावना है, जिससे छात्रों को एक और अवसर मिल सकता है। अभ्यर्थियों को 15 अक्टूबर तक कॉलेज में रिपोर्ट करना अनिवार्य है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और आगे की प्रक्रिया के बारे में।
 

राजस्थान में MBBS सीटों की स्थिति


राजस्थान में NEET UG 2026 काउंसलिंग के राउंड समाप्त होने के बाद भी कई मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें खाली रह गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के 15 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 1,039 सीटों पर अब तक प्रवेश नहीं हो पाया है। इस स्थिति पर काउंसलिंग के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। काउंसलिंग बोर्ड का कहना है कि यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य की आरक्षण नीति के अनुसार की गई है। इस वर्ष, राजस्थान में MBBS की कुल 7,533 सीटों में से लगभग 86.2 प्रतिशत सीटें आवंटित की गई हैं। अब बची हुई सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने की संभावना है।


राजस्थान में खाली सीटों का विवरण

राजस्थान में किस कैटेगरी की कितनी सीटें खाली?

राजस्थान के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़ी 1,039 MBBS सीटों में सबसे अधिक जनरल कैटेगरी की हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सीटों का विवरण इस प्रकार है:

  • जनरल कैटेगरी: 731 सीटें खाली

  • प्राइवेट मैनेजमेंट कैटेगरी: 308 सीटें खाली

  • कुल खाली सीटें: 1,039

इन सीटों के खाली रहने से मेडिकल कॉलेजों और काउंसलिंग बोर्ड के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। अब सभी की नजर अगले काउंसलिंग राउंड पर है, जिसमें खाली सीटों को भरने का प्रयास किया जाएगा।


खाली सीटों के कारण

आखिर क्यों खाली रह गईं MBBS की इतनी सीटें?

खाली सीटों के पीछे काउंसलिंग के नियमों में बदलाव को मुख्य कारण बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तीसरे और अंतिम राउंड में दूसरे राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को राजस्थान में राज्य के आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। इसी नियम को सीटें खाली रहने की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, काउंसलिंग बोर्ड का पक्ष है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राजस्थान की आरक्षण नीति के तहत ही प्रक्रिया पूरी की गई है। इस मुद्दे पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और काउंसलिंग बोर्ड के बीच मतभेद सामने आए हैं। अब देखना होगा कि खाली सीटों को भरने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


रिपोर्टिंग की समय सीमा

15 अक्टूबर तक कॉलेज में रिपोर्ट करना जरूरी

NEET UG 2026 काउंसलिंग के अंतिम राउंड में जिन अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज आवंटित किया गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट करना होगा। राजस्थान काउंसलिंग कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थियों को 15 अक्टूबर तक अपने आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट करके जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

छात्र काउंसलिंग पोर्टल पर जाकर अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। तय समय पर कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करने पर एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को जरूरी दस्तावेजों और रिपोर्टिंग से जुड़ी शर्तों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जरूर लेनी चाहिए।


स्ट्रे वैकेंसी राउंड की संभावना

खाली सीटों के लिए होगा स्ट्रे वैकेंसी राउंड

तीसरे राउंड के बाद खाली रह गई MBBS सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किया जा सकता है। इस राउंड का उद्देश्य उन सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश देना है, जो पहले के राउंड के बाद भी खाली रह गई हैं। जिन छात्रों को पहले की काउंसलिंग में सीट नहीं मिल पाई है, उनके लिए यह एक और अवसर हो सकता है। हालांकि, पात्रता, रजिस्ट्रेशन, विकल्प भरने और सीट स्वीकार करने से जुड़े नियमों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। कुछ परिस्थितियों में आवंटित सीट स्वीकार नहीं करने पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को स्ट्रे वैकेंसी राउंड में भाग लेने से पहले आधिकारिक नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।


अभ्यर्थियों के लिए सलाह

छात्रों को अब क्या करना चाहिए?

राजस्थान में MBBS में एडमिशन की उम्मीद कर रहे अभ्यर्थियों को काउंसलिंग से जुड़े आधिकारिक नोटिस पर नजर रखनी चाहिए। खासतौर पर स्ट्रे वैकेंसी राउंड की तारीख, पात्रता और खाली सीटों की सूची जारी होने पर उसे ध्यान से देखना चाहिए।