मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर नई चुनौतियाँ
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में असमंजस
मध्य प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर स्थिति फिर से जटिल हो गई है। शिक्षकों की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने परीक्षा को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आयोजित करने का निर्णय लिया था। लेकिन अब परीक्षा कराने वाली संस्था, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB), ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जताई है।
ESB के इस निर्णय के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग को नई परीक्षा एजेंसी खोजने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इससे परीक्षा की तिथि और प्रक्रिया में बदलाव की संभावना बढ़ गई है.
मुख्यमंत्री की घोषणा
CM ने की थी ऑफलाइन TET कराने की घोषणा
शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर TET को ऑफलाइन मोड में आयोजित करने की घोषणा की थी। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने ESB को ऑफलाइन परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा।
हालांकि, ESB ने विभाग को सूचित किया कि वह पिछले कई वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और ऑफलाइन परीक्षा की पुरानी व्यवस्था अब उपलब्ध नहीं है।
नई परीक्षा एजेंसी की खोज
अब दूसरी एजेंसी की तलाश में विभाग
ESB के इनकार के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग अब दूसरी परीक्षा एजेंसी की तलाश कर रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह के अनुसार, ESB केवल ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए तैयार है। यदि सरकार ऑफलाइन परीक्षा कराना चाहती है, तो एक नई परीक्षा एजेंसी की व्यवस्था करनी होगी।
नई एजेंसी का चयन शासन स्तर पर किया जाएगा। विभाग परीक्षा आयोजित करने के लिए दूसरी एजेंसी के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
मुख्यमंत्री के लौटने पर निर्णय
CM के भोपाल लौटने के बाद हो सकता है फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। उनके लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा कर परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी पर निर्णय लिया जा सकता है।
सरकार के पास मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से परीक्षा कराने का विकल्प भी है, लेकिन MPPSC ने पहले इस तरह की परीक्षा आयोजित नहीं की है।
12 अक्टूबर की परीक्षा पर संकट
12 अक्टूबर की परीक्षा पर भी संकट
ESB ने पहले TET परीक्षा 12 अक्टूबर से आयोजित करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब ऑफलाइन परीक्षा के लिए नई एजेंसी की खोज शुरू होने के कारण इस तिथि पर भी संशय उत्पन्न हो गया है।
नई एजेंसी के चयन के बाद परीक्षा की व्यवस्था और तारीख को ध्यान में रखते हुए नई तिथि घोषित की जा सकती है। ऐसे में परीक्षा अक्टूबर से बढ़कर नवंबर या दिसंबर तक जाने की संभावना है।
परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग
शिक्षकों ने परीक्षा केंद्र बढ़ाने की भी मांग की
शिक्षकों की मांग केवल परीक्षा के मोड तक सीमित नहीं है। परीक्षा केंद्रों की संख्या और स्थान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन चंबल और ग्वालियर क्षेत्र के कई जिलों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा केंद्र जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें दूर-दूर के शहरों की यात्रा न करनी पड़े।