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भारतीय वायुसेना की पहली महिला एयर वाइस मार्शल बनीं शक्ति शर्मा

भारतीय वायुसेना की अधिकारी शक्ति शर्मा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जब वह एयर वाइस मार्शल के पद पर पहुंचने वाली पहली गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारी बनीं। उनका करियर 1994 में शुरू हुआ और उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। शक्ति ने सैनिक स्कूल की पहली महिला प्रधानाचार्य बनने का गौरव भी प्राप्त किया। उनकी उपलब्धियां भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाती हैं।
 

महिला अधिकारी की ऐतिहासिक उपलब्धि


भारतीय वायुसेना की अधिकारी शक्ति शर्मा ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। वह भारतीय सशस्त्र बलों में एयर वाइस मार्शल या समकक्ष टू-स्टार रैंक प्राप्त करने वाली पहली गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारी बन गई हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2026 को भारतीय वायुसेना मुख्यालय में सहायक वायुसेना प्रमुख (शिक्षा) का कार्यभार संभाला।


महिलाओं के लिए नया मानक

इस उपलब्धि के साथ, शक्ति शर्मा ने भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना में महिला अधिकारियों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। इससे पहले, इस स्तर तक पहुंचने वाली महिला अधिकारी मुख्यतः मेडिकल कोर से थीं।


शक्ति शर्मा का करियर

शक्ति शर्मा का सफर 18 जून 1994 को भारतीय वायुसेना की शिक्षा शाखा में कमीशन के साथ शुरू हुआ। लगभग तीन दशकों के करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और अब एयर वाइस मार्शल के पद तक पहुंचकर नया इतिहास रचा है।


सैनिक स्कूल की पहली महिला प्रधानाचार्य

शक्ति शर्मा ने पहले भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। वह तीनों सेनाओं में सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य बनने वाली पहली महिला अधिकारी थीं। उन्हें हरियाणा के कपूरथला स्थित सैनिक स्कूल में संस्था प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।


'नभः स्पृशं दीप्तम्' का अर्थ

भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' है, जिसका अर्थ है 'गौरव के साथ आकाश को छूना'। शक्ति शर्मा की यह उपलब्धि इस आदर्श वाक्य को सार्थक करती है। उनकी सफलता भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।