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बिहार में नई विश्वविद्यालयों की स्थापना और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 50 ड्रोन खरीदने और विभिन्न पदाधिकारियों के वेतन में वृद्धि के प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए हैं। जानें इस कैबिनेट बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
 

बिहार सरकार का बड़ा निर्णय


बिहार में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में दो नई विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। ये विश्वविद्यालय बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय होंगे।
इन दोनों संस्थानों का गठन बिहार स्पेशलाइज्ड यूनिवर्सिटी एक्ट 2026 के अंतर्गत किया जाएगा। सरकार ने इनकी स्थापना और प्रारंभिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए प्रत्येक को 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन सहित प्रारंभिक खर्चों को पूरा किया जाएगा.


रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की विशेषताएँ

बेगूसराय में प्रस्तावित विश्वविद्यालय का नाम प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर रखा गया है। इसका अधिकार क्षेत्र बेगूसराय और खगड़िया जिले के संबंधित कॉलेजों को शामिल करेगा। हालांकि, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा से जुड़े कॉलेज इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत नहीं आएंगे। दिनकर विश्वविद्यालय की घोषणा उनके जन्मदिन पर बेगूसराय में की गई थी.


पटना में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना

पटना में स्थापित होने वाली मां सीता महिला विश्वविद्यालय को राज्य की पहली समर्पित महिला विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें पटना जिले के महिला कॉलेज शामिल होंगे, लेकिन पटना विश्वविद्यालय से जुड़े महिला कॉलेज इस नई यूनिवर्सिटी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आएंगे। सरकार का उद्देश्य महिला विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना है.


अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट बैठक में शिक्षा के अलावा पुलिस, स्वास्थ्य, डेयरी और जल संसाधन से जुड़े कुल 14 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 24.50 करोड़ रुपये की लागत से 50 ड्रोन खरीदने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ है। इनका उपयोग भीड़ नियंत्रण, अपराध विरोधी अभियानों, नदी क्षेत्रों में कार्रवाई, माओवादी प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन में किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न पुलिस इकाइयों और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई.


पदाधिकारियों के वेतन में वृद्धि

कैबिनेट ने विभिन्न बोर्ड, निगम और परिषदों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के वेतन-भत्तों में वृद्धि को भी मंजूरी दी है।
इन पदाधिकारियों का मासिक वेतन 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 65 हजार रुपये करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है, जबकि दैनिक भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये किया गया है. मंत्री स्तर के पदाधिकारियों को मिलने वाले आतिथ्य भत्ते में भी वृद्धि की गई है.