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डेढ़ साल के बच्चे की चने से दम घुटने से हुई मौत, परिवार में शोक

रतनपुर के सांधीपारा इलाके में एक डेढ़ साल के बच्चे की चने से दम घुटने की घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया है। चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों को छोटे खाद्य पदार्थ देते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। जानें इस दर्दनाक घटना के बारे में और क्या कहा पुलिस ने।
 

दर्दनाक घटना रतनपुर में



रतनपुर के सांधीपारा क्षेत्र में मंगलवार को एक दुखद घटना घटी। डेढ़ साल का एक बच्चा चना खाते समय गले में फंस जाने के कारण दम घुटने से अपनी जान गंवा बैठा। इस घटना ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।


परिवार की कोशिशें बेकार

परिजनों के अनुसार, बच्चा घर में खेलते समय चना खा रहा था। अचानक एक दाना उसके गले में फंस गया, जिससे वह तड़पने लगा। बच्चे की बिगड़ती हालत को देखकर परिवार ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन बच्चे ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।


पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। उन्होंने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चे की मौत से घर में कोहराम मच गया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।


स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने बताया कि बच्चे की चीख सुनकर परिवार घबरा गया था। सभी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गले में फंसा दाना उसकी जान ले गया।


चिकित्सकों की सलाह

चिकित्सकों का कहना है कि छोटे बच्चों को दाल-दाने, मूंगफली या छोटे खाद्य पदार्थ देते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। डेढ़ से दो साल की उम्र में बच्चों की गले की नली पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिससे ऐसे हादसों की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को निगरानी में खाना खिलाएं और उन्हें छोटे-छोटे खाद्य पदार्थ न दें।


पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह एक दुर्घटनात्मक घटना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या संदेहजनक परिस्थिति नहीं पाई गई। फिलहाल, परिजनों को सांत्वना देने का प्रयास किया जा रहा है।


सावधानी की आवश्यकता

यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि बच्चों की देखभाल में लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। थोड़ी सी सतर्कता कई बार बड़ी अनहोनी से बचा सकती है।