गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए वीडियो बनाने के नियमों में बदलाव किया
यूनिवर्सिटी का नया आदेश
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए वीडियो और रील बनाने के संबंध में अपने आदेश को संशोधित किया है। पहले जारी आदेश में बिना अनुमति के डिजिटल कंटेंट बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके बाद छात्रों और शिक्षकों में चर्चा का माहौल बन गया।
सोमवार को प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता को रोकना नहीं है। अब कैंपस में रील और वीडियो बनाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें लागू की गई हैं।
पहले आदेश की जानकारी
रविवार को जारी आदेश में कहा गया था कि छात्रों को वीडियो बनाने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
इस आदेश के बाद यूनिवर्सिटी में प्रतिक्रिया आई, जिसमें कुछ शिक्षकों ने भी आपत्ति जताई। इसके चलते प्रशासन ने नया आदेश जारी किया।
नए आदेश की मुख्य बातें
सोमवार के आदेश में कहा गया कि छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए। प्रशासन ने ऑरेंज इकोनॉमी और क्रिएटिविटी इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने का भी उल्लेख किया।
यूनिवर्सिटी ने कहा कि रील बनाने पर पूरी तरह से रोक नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर कंटेंट साझा करते समय जिम्मेदारी का पालन करना आवश्यक है।
कंटेंट पर ध्यान देने की आवश्यकता
यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल कंटेंट में ऐसी भाषा या विषय नहीं होना चाहिए जो किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाता हो।
रील या वीडियो बनाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा:
1. आपत्तिजनक या अशालीन भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
2. नफरत फैलाने वाला कंटेंट नहीं बनाया जा सकता।
3. किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना वीडियो रिकॉर्डिंग से बचना होगा।
4. शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा नहीं आनी चाहिए।
5. संस्थान की गरिमा का ध्यान रखना होगा।
प्रशासन की चिंताएं
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि परिसर में बड़ी संख्या में लोग होते हैं, जिससे वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
क्लास के दौरान रिकॉर्डिंग से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, और बिना अनुमति वीडियो बनाने पर विवाद हो सकता है।
अनुशासन नियमावली में बदलाव
गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने अनुशासन नियमावली में डिजिटल कंटेंट से जुड़ी गतिविधियों को शामिल किया है। इसके लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी।
संशोधित नियमों में फोटो खींचने, वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की गतिविधियों को शामिल किया गया है।
नए नियमों की जानकारी
यूनिवर्सिटी के अतिरिक्त नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय ने बताया कि संशोधित नियमों की जानकारी वार्डन और शिक्षकों को दी गई है।
अब वे छात्रों को नए नियमों और उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई के बारे में बताएंगे।
इस प्रकार, यूनिवर्सिटी ने 24 घंटे के भीतर अपने रुख को 'क्रिएटिविटी के साथ जिम्मेदारी' की ओर मोड़ दिया है।